दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके, जम्मू-कश्मीर तक हिली धरती; अफरातफरी के बाद घरों से बाहर निकले लोग
Earthquake news: शुक्रवार (3 अप्रैल) को दिल्ली से लेकर जम्मू-कश्मीर तक भूकंप के तेज झटकों से धरती कांप गई। इस दौरान दहशत में लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान बताया जा रहा है।
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Earthquake news: देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के तेज झटकों से कांप गई। दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस हुए। इस दौरान जम्मू-कश्मीर तक धरती डोल गई। भूकंप के झटकों से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग आनन-फानन में अपने घरों-दफ्तरों से बाहर भागने लगे।
कहां था भूकंप का केंद्र?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, भूकंप के झटके रात करीब 9:42 बजे महसूस हुए। इसका केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र के पास था और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई। झटके इतने तेज थे कि धरती पाकिस्तान और भारत के कई शहरों तक कांप उठी और कुछ सेकेंड तक डोलती रही। भूकंप धरती के 175 किलोमीटर की गहराई में आया है।
लोगों को महसूस हुए तेज झटके
दिल्ली में ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने इन झटकों को साफ महसूस किया। नोएडा में भी भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। इसके अलावा पंजाब-चंडीगढ़ समेत कई जगहों पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। पूरे कश्मीर में भूकंप से दहशत फैल गई और वे अपने घरों से बाहर निकल आए। बताया जा रहा है कि भारत ही नहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान के लाहौर, पेशावर, इस्लामाबाद में भी झटके महसूस हुए। फिलहाल भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।
भूकंप के झटके महसूस होते ही X (ट्विटर) पर #Earthquake ट्रेंड करने लगा और लोग इस पर पोस्ट करते नजर आए। कई लोगों ने पंखे और लाइटों के हिलते हुए वीडियो भी शेयर किए। वहीं, सोशल मीडिया पर इससे जुड़े मीम्स की भी बाढ़ आने लगी।
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भूकंप (Earthquake) क्यों आता है?
भूकंप तब आते हैं जब टेक्टोनिक प्लेट अचानक एक-दूसरे से खिसक जाती हैं, जिससे भूकंपीय तरंगों के रूप में जमा ऊर्जा निकलती है। ये प्लेटें पृथ्वी की सतह के नीचे एक अर्ध-तरल परत पर स्थित होती हैं और सतह के नीचे लगातार धीमी गति से चलती रहती हैं। कभी-कभी विशाल प्लेटें आपस में टकराती हैं, अलग हो जाती हैं या एक-दूसरे के खिलाफ खिसकती हैं जिससे जमीन हिलती है।
प्लेट की हरकतों के तीन प्रकार मुख्य रूप से भूकंप का कारण बनते हैं, जिनमें अभिसारी सीमाएं होती हैं। ऐसे में प्लेटें टकराती हैं और एक दूसरे के नीचे चली जाती हैं। अपसारी सीमा की स्थिति में प्लेटें अलग हो जाती हैं और मैग्मा ऊपर आकर एक नई सतह बनाता है और सीमाएं बदलता है, जहां प्लेटें क्षैतिज रूप से एक-दूसरे से खिसकती हैं, जिससे घर्षण और तनाव पैदा होता है जो आखिर में भूकंप का कारण बनता है। हालांकि, ज्वालामुखी गतिविधि भी भूकंप को ट्रिगर करने का एक कारण हो सकती है, क्योंकि मैग्मा पृथ्वी की सतह के नीचे चला जाता है।