'रात 12 बजे तक सदन चलाओ, मैं चला', नेता प्रतिपक्ष से बहस के बाद नाराज हुए स्पीकर, गुस्से में फेंके कागज
सदन में अनुदान मांगों पर चर्चा के समय माहौल गरमा गया है। तब ही स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष में तीखी बहस हो गए, जिसके बाद वासुदेवा भगनानी भड़क गए।
- भारत
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Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सोमवार (10 मार्च) को स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष में तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान स्पीकर वासुदेव देवनानी इस कदर भड़क उठे कि उन्होंने गुस्से में कागज फेंक दिए और कहने लगे कि मैं चला, आप रात 12 बजे तक सदन को चलाओ।
राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। इसी दौरान बीते दिन सदन में अनुदान मांगों पर चर्चा के समय माहौल गरमा गया है। तब ही स्पीकर ने भड़कते हुए कागज फेंक दिए।
किस वजह से हुई स्पीकर की नेता प्रतिपक्ष से बहस?
हुआ कुछ यूं कि उद्योग विभाग की अनुदान मांगों को लेकर विधानसभा में चर्चा चल रही थी। विधायक अपनी-अपनी बात रख रहे थे। तब विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को जवाब देने के लिए बुलाया। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आपत्ति जताते हुए कहा कि कुछ विधायकों को बोलने देने की मांग की।
टीकाराम जूली ने कहा कि अभी 3 विधायक बोल नहीं पाए। उनको 2-2 मिनट का समय दिया जाए, तो क्या हो जाएगा। मंत्री बाद में जवाब दे देंगे। इसको लेकर ही स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष में बात बढ़ने लगी और दोनों के बीच बहस हो गई।
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गुस्से में फेंके कागज और फिर…
नेता प्रतिपक्ष ने स्पीकर से कहा कि वह विधायकों को बोलने दीजिए, इससे क्या फर्क पड़ता है। इस पर वासुदेव देवनानी नाराज हो गए और कहा कि फर्क कैसे नहीं पड़ता? फिर उन्होंने गुस्से में कागज फेंक दिए और बोले कि रात 12 बजे तक चलाओ विधानसभा, मैं जा रहा हूं। इसके बाद स्पीकर आसन से उठने लगे। जिस पर टीकाराम जूली ने कहा कि आप गुस्सा क्यों कर रहे हैं, इससे पहले भी देर तक विधानसभा चली है।
स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष के बीच हुई तीखी बहस से विधानसभा का माहौल गरमा गया। जब विधानसभा अध्यक्ष का गुस्सा शांत हुआ तो उन्होंने कांग्रेस के तीनों विधायकों को बोलने का समय दिया।
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मंत्री संजय शर्मा की बिगड़ी तबीयत
वहीं, सोमवार को विधानसभा में चर्चा के दौरान मंत्री वन संजय शर्मा की तबीयत भी अचानक बिगड़ गई थीं। वह सदन में अनुदान मांगों पर जवाब दे रहे थे। उनका गला सूखने लगा। कुछ देर तक बैठे रहने के बाद उन्होंने पानी पिया। इसके बाद उन्होंने स्पीकर से कहा कि तबीयत सही नहीं है और चक्कर आने के चलते कहा कि मैं आगे का जवाब टेबल कर देता हूं। इसके चलते विपक्ष और अन्य सदस्यों ने उनके जवाब को पढ़ा हुआ मान लिया। हालांकि अब उनकी सेहत में सुधार बताया जा रहा है।