Sonia Gandhi: सोनिया गांधी को अस्पताल से मिली छुट्टी, 6 दिन बाद लौटीं घर; अब कैसी है तबीयत?
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को लेकर सर गंगा राम अस्पताल ने हेल्थ अपडेट जारी किया है। बताया गया है कि उन्हें बुखार के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
- भारत
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Sonia Gandhi: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की सेहत में सुधार हुआ है। अब वो ठीक हो गई हैं। साथ ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है। हालांकि, घर पर उनका आगे का इलाज और फॉलो-अप जारी रह सकता है।
सर गंगा राम अस्पताल ने सोनिया गांधी की सेहत पर अपडेट दिया है। अस्पताल की ओर से बताया गया है कि 24 मार्च 2026 की रात 10 बजकर 22 मिनट पर सोनिया गांधी को बुखार के चलते भर्ती कराया गया था।
सोनिया गांधी को दिया गया कौन सा इलाज?
सर गंगा राम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप के मुताबिक, डॉ. डी. एस. राणा, डॉ. एस. नंदी और डॉ. अरूप बसु की देखरेख में उन्हें एक सिस्टमिक इंफेक्शन के लिए एंटीबायोटिक्स से इलाज दिया गया। दिए गए इलाज पर उन्होंने अच्छी प्रतिक्रिया दी।
सोनिया गांधी ठीक हो चुकी हैं- चेयरमैन
अस्पताल चेयरमैन की मानें तो अब सोनिया गांधी ठीक हो चुकी हैं। उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है, ताकि घर पर उनका आगे का इलाज और फॉलो-अप हो सके।
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24 मार्च को अस्पताल में हुई थीं भर्ती
बता दें सोनिया गांधी को पिछले मंगलवार यानी 24 मार्च को सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके बेटे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी मां की सेहत को लेकर काफी चिंतित दिखे थे। वो अपनी मां से मिलने के लिए भी पहुंचे थे।
राहुल गांधी ने मां की सेहत को लेकर क्या कहा?
इसके बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केरल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, 'मेरी मां अस्पताल में भर्ती हुई थी। एक बेटा होने के नाते मैं उन्हें लेकर थोड़ा परेशान था। इसलिए मैंने उनके साथ रुकने का फैसला लिया। मैं जानता हूं कि केरल की जनता इस बात को समझती है।'
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उन्होंने कहा था, ‘मेरी मां अस्पताल के जिस कमरे में थी, वहां एक छोटा सा सोफा था जिस पर मैं सो रहा था। किसी भी बेटे की तरह, मैं भी अपनी मां की सेहत को लेकर बहुत चिंतित था। पूरी रात में सिर्फ एक बात से निश्चिंत था कि केरल की एक नर्स, जो हर घंटे आकर मां को चेक कर रही थी। वो आती मां को हाथ पकड़ती, उन्हें चेक करती और मुस्कुरातीं। यह देख मैं सोचने लगा कि केरल की नर्सों ने न जाने कितनी माताओं और बहनों को इस तरह से निश्चिंत रखा होगा। अगले दिन मैंन इसी नर्स से पूछा कि क्या तुम रात में सोई या पूरी रात काम ही करती रही? उसने कहा कि नहीं मैं नहीं सोई, मैंने रातभर काम किया। जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब केरल की नर्सें, दिल्ली और हर दूसरे राज्य में उन मरीजों का हाथ पकड़कर उन्हें कंफर्ट फील कराती हैं।’