राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज का दिन अहम, SIT सौंप सकती है फाइनल रिपोर्ट, हो सकते हैं कई बड़े खुलासे

यूपी सरकार द्वारा गठित 3 सदस्यीय SIT आज शासन को अपनी फाइनल जांच रिपोर्ट सौंप सकती है। सरकार ने अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया है। चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए 13 जून को SIT का गठन हुआ था।

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 ram mandir donation theft case
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला | Image: Social Media

Ram Mandir Donation Row: अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले में आज (15 जुलाई) का दिन है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) शासन को अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट सौंप सकती है। यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी जा सकती है। इस बात की भी संभावना है कि जांच टीम बारीक जानकारियों के लिए सरकार से थोड़ा और समय मांग सकती है।

लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में बनी 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) को सरकार ने अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया है। चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए 13 जून को SIT का गठन हुआ था।

SIT की रिपोर्ट में हो सकते हैं कई खुलासे

माना जा रहा है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट सिर्फ दोषियों के नाम उजागर करने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि मंदिर की पूरी डोनेशन मैनेजमेंट प्रणाली और निगरानी व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव की बड़ी सिफारिशें भी इसमें शामिल हो सकती हैं।

SIT पहले ही साफ कर चुका है कि इस मामले की तह तक जाने के लिए सभी जरूरी कड़ियों को आपस में जोड़ा गया है। जांच के दौरान पैसों के लेन-देन (बैंकिंग ट्रांजैक्शन), वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल और दस्तावेजी सबूतों से लेकर सीसीटीवी फुटेज तक की बारीकी से पड़ताल की गई है। इसके साथ ही, गवाहों और आरोपियों के बयानों का भी गहन विश्लेषण किया गया है। एसआईटी का मानना है कि उनकी यह अंतिम रिपोर्ट इस पूरे घटनाक्रम की असली और पूरी सच्चाई सबके सामने ला देगी।

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लूपहोल्स की गहराई से की गई जांच  

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की यह रिपोर्ट केवल चोरी करने वाले चेहरों को बेनकाब करने तक सीमित नहीं होगी। इसमें लापरवाही के उस पूरे तंत्र (लूपहोल्स) की गहराई से जांच की गई है, जिसके चलते यह वित्तीय गबन इतने लंबे समय तक बिना किसी की पकड़ में आए जारी रहा। जांच का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर भी केंद्रित है कि क्या सुपरवाइजरों, कर्मचारियों और दान राशि को इकट्ठा और उसकी गिनती करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों ने तय सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया था।

प्रारंभिक रिपोर्ट में हुए थे कई खुलासे

इससे पहले विशेष जांच दल (SIT) द्वारा 23 जून को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में मुख्य रूप से मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में लगी भारी प्रशासनिक लापरवाही और चोरी के तौर-तरीकों का खुलासा किया गया था। प्रारंभिक जांच में जब काउंटिंग रूम (दान गणना केंद्र) के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो उसमें सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती दिखीं। गिनती करने वाले स्टाफ के लोग नोटों की गड्डियों को बहुत ही शातिर तरीके से अपने कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाते हुए कैमरे में कैद हुए थे। दान संग्रह और गिनती के लिए तय की गई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन नहीं किया जा रहा था।

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प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए शुरुआत में आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से लाखों रुपये की नकदी बरामद की थी।

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड