बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा अपडेट, मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान अरेस्ट, 4 घंटे की पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
बद्रीनाथ मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को मंदिर के दान की कथित चोरी के मामले में SIT ने गिरफ्तार कर लिया है। चार घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्हें 18 जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा। SIT मामले की गहन जांच कर रही है।
- भारत
- 3 min read

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे में कथित अनियमितता और चोरी के मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। बद्रीनाथ मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को SIT ने मंदिर के दान में कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। SIT की 4 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और सबूतों के आधार पर उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद राजेंद्र चौहान को कल, 18 जुलाई 2026 को अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत में उन्हें रिमांड पर लेने या जमानत के संबंध में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
SIT इस मामले में और गहराई से जांच कर रही है। मंदिर के दान से जुड़े धन के गबन के आरोप गंभीर माने जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। SIT ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया है।
राजेंद्र चौहान पर क्या है आरोप
राजेंद्र चौहान पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद पर रहते हुए तमाम नियमों को ताक पर रख दिया। उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ना करते हुए दान पतियों से आने वाली रकम को धीरे-धीरे गायब कर दिया। यह चोरी जब बीते दिनों मंदिर ऑडिट के दौरान सामने आई, तो हडकंप मच गया था। जिसके बाद उत्तराखंड पुलिस की SIT इसकी जांच कर रही थी।
Advertisement
प्रमोद नौटियाल मुख्य आरोपी
इस मामले का मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल हैं। जो श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष का निजी सहायक (PA) था। सबसे पहले चोरी का मामला 2 जुलाई को सामने आया। मंदिर में थाली भेंट की गिनती के दौरान गिनती कक्ष से नकदी, 500 और 100 के नोटों की गड्डियां, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और चढ़ावे के लिफाफे कथित रूप से गायब मिले।
CCTV फुटेज में प्रमोद नौटियाल को गिनती कक्ष से सामान लेकर अपने ऑफिस की ओर जाते और संदिग्ध तरीके से छिपाते हुए दिखाया गया है। वे कई बार कक्ष और ऑफिस के बीच आ-जा रहे थे।
Advertisement
भैरव सेना की शिकायत और सोशल मीडिया पर आरोप लगने के बाद BKTC ने आंतरिक जांच कमेटी बनाई थी। जिसके बाद प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया। 8 जुलाई 2026 को बद्रीनाथ थाने में FIR दर्ज हुई। 12 जुलाई 2026 की रात करीब 10 बजे SIT ने देहरादून स्थित प्रमोद नौटियाल के आवास से उन्हें गिरफ्तार किया। लगभग 1 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी हुई। उन्हें अदालत में पेश किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।