West Bengal: अभिषेक बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें, जाली साइन के मामले में जांच के लिए पहुंची CID, 5 सदस्यीय टीम का हो चुका है गठन; जानिए पूरा मामला

Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल आपराधिक जांच विभाग (CID) ने तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के हस्ताक्षरों की कथित जालसाजी की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस बीच CID अभिषेक बनर्जी के घर जांच के लिए पहुंची।

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Abhishek Banerjee
अभिषेक बनर्जी पर CID का शिकंजा! 5 सदस्यीय टीम करेगी जाली साइन मामले की जांच | Image: ANI/X

Abhishek Banerjee: तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। हस्ताक्षर धोखाधड़ी के मामले में पश्चिम बंगाल की सीआईडी (CID) जांच कर रही है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब शोभनदेब चटर्जी को विपक्ष का नेता बनाने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें कई हस्ताक्षर ‘फर्जी’ पाए गए। इसके बाद पश्चिम बंगाल सीआईडी ने शनिवार को TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को नोटिस देकर उनसे यहां जांच अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा है, लेकिन वो नदारद रहे।

इस बीच जाली साइन के मामले में जांच के लिए सीआईडी टीम अभिषेक बनर्जी के घर पहुंच गई। वहीं, पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस के एक उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के नेतृत्व में पांच सदस्यों वाली एक उच्च स्तरीय एसआईटी का गठन किया गया है।

विधायकों के सिग्नेचर पर उठे सवाल

पश्चिम बंगाल में टीएमसी की तरफ से शोभनदेब चटर्जी को विपक्ष का नेता बनाने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें कई हस्ताक्षर ‘फर्जी’ पाए गए। इसके बाद तृणमूल के दो विधायकों, ऋतब्रता बंदोपाध्याय और संदीपान साहा ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई कि विधायक दल द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया था। इस घटना के बाद विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद, हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई और बाद में मामला सीआईडी ​​को सौंप दिया गया।

क्या है ‘फर्जी सिग्नेचर’ का पूरा मामला?

दरअसल, 9 मई को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के राष्ट्रीय महासचिव ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर शोवंदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष के नेता, नयना बंद्योपाध्याय और आशिमा पात्रा को उपनेता और फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक के रूप में प्रस्तावित किया। इसके बाद 20 मई को 70 हस्ताक्षरों वाला एक और पत्र भेजा गया, जिसमें कई विधायकों के सिग्नेचर फर्जी बताया गया। इसके बाद ऋतब्रता बंदोपाध्याय और संदीपान साहा ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

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सीआईडी जांच में उठ रहे नए सवाल

इस घटना में अब पश्चिम बंगाल सीआईडी ने शनिवार को TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर जांच करने पहुंची। वहीं, इस मामले में सीआईडी ने नोटिस भी जारी किया। विधायकों के हस्ताक्षरों की कथित जालसाजी की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। 

उधर अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा सरकार राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार अभिषेक बनर्जी को फर्जी साइन मामले में 8 जून को CID मुख्यालय में पेश होने का नोटिस दिया गया है।
 

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Published By:
 Sahitya Maurya
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