WFH Update: 'वर्क फ्रॉम होम नहीं मिलेगा', PM मोदी की अपील के बाद भी इस बड़ी कंपनी ने WFH से किया साफ इनकार; बताया ये कारण
PM मोदी की फ्यूल बचत अपील के बाद जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने वर्क फ्रॉम होम (WFH) बढ़ाने से इनकार कर दिया है। ऑफिस आना बेहतर बताते हुए बड़ी कंपनी के फाउंडर ने सस्टेनेबल ऑप्शनों पर फोकस किया, पढ़ें पूरी खबर।
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Zoho Work From Home: जोहो कंपनी (Zoho Corporation) के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने प्रधानमंत्री मोदी की फ्यूल बचाने की अपील के बावजूद वर्क फ्रॉम होम (WFH) को बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि R&D टीम में आमने-सामने काम करने से प्रोडक्टिविटी ज्यादा रहती है।
श्रीधर वेम्बु ने कहा- WFH नहीं मिलेगा
श्रीधर वेम्बु ने खुद इस बारे में जानकारी देते हुए पोस्ट किया है। जिसमें लिखा- 'आखिरकार, जब मेरे पोस्ट पर अंदर के बहुत से लोगों ने अपनी राय दी, तो हमने WFH को आगे न बढ़ाने का फैसला किया क्योंकि R&D में आमने-सामने प्रॉब्लम सॉल्व करने की प्रोडक्टिविटी बहुत ज्यादा होती है। मैंने अपनी डेवलपमेंट टीम में यह अनुभव किया है। जब आप प्रॉब्लम सॉल्व करने वाले लोगों से नहीं मिलते हैं तो प्रॉब्लम सॉल्व होने में ज़्यादा समय लगता है। आमने-सामने मिलकर काम करना ज़्यादा आसानी से होता है और हम बेहतर सॉल्यूशन निकालते हैं। हम फ्यूल बचाने के लिए इलेक्ट्रिक बस फ्लीट और अपनी कैंटीन में इलेक्ट्रिक कुकिंग पर विचार कर रहे हैं। हमने पहले ही सोलर में भारी इन्वेस्टमेंट किया है।'
ऑफिस में होता है बेहतर कोलेबोरेशन- वेम्बु
वेम्बु ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि डेवलपमेंट टीम के साथ जब लोग फिजिकली साथ होते हैं तो आइडिया आसानी से शेयर होते हैं और बेहतर समाधान निकलते हैं। कंपनी का मानना है कि रिमोट काम में कोलेबोरेशन उतना प्रभावी नहीं होता। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों और कंपनियों से अपील की थी कि ग्लोबल अनिश्चितता और फ्यूल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग्स और कम यात्रा जैसे कोविड काल के तरीकों को फिर अपनाया जाए। PM मोदी ने इसे आर्थिक सुरक्षा और ऊर्जा बचत का जरिया बताया था।
जोहो के मालिक ने सस्टेनेबिलिटी पर दिया जोर
WFH ना बढ़ाने के बावजूद जोहो कंपनी फ्यूल बचाने के बाकी उपायों पर काम कर रही है। श्रीधर वेम्बु ने बताया कि कंपनी इलेक्ट्रिक बस फ्लीट लाने और कैंटीन में इलेक्ट्रिक कुकिंग पर विचार कर रही है। इसके अलावा सोलर एनर्जी में पहले से भारी निवेश किया जा चुका है। हम प्यूल बचाने के लिए इलेक्ट्रिक बस और इलेक्ट्रिक कुकिंग पर सोच रहे हैं। हमने सोलर में पहले ही बड़ा निवेश कर दिया है।
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श्रीधर वेम्बु AI और भविष्य के काम को लेकर भी अपनी राय रखते रहे हैं। उन्होंने कहा है कि देखभाल, शिक्षण, खेती जैसी नौकरियां मकसद से जुड़ी होने के कारण AI के दौर में भी सुरक्षित रहेंगी। जोहो का यह फैसला उन कंपनियों के लिए उदाहरण बन सकता है जो प्रोडक्टिविटी और सस्टेनेबिलिटी को साथ लेकर चलना चाहती है।