अपडेटेड 9 April 2024 at 12:51 IST
नवरात्रि में रामलला का होगा खास श्रृंगार, पहनाए जाएंगे सोने-चांदी की छपाई वाले वस्त्र
चैत्र नवरात्रि की रामनवमी पर श्री रामलला का खास श्रृंगार होगा उन्हें सोने चांदी की छपाई वाले वस्त्र धारण कराए जाएंगे।

Ramlala Dress: चैत्र नवरात्र के प्रथम दिवस से रामलला हाथों से बने वस्त्र पहनेंगे। कुछ तैयार हो गए हैं तो कुछ अभी गढ़े जा रहे हैं। इनके लिए खादी कॉटन फैब्रिक का इस्तेमाल किया गया है। खासियत ये कि खादी का सूत भी हाथ से ही काता गया है।
इतना ही नहीं वस्त्रों पर असली सोने-चांदी से छपाई भी की गई है। छपाई में इस्तेमाल किए गए चिन्ह वैष्णव पद्धति के हैं। ये जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ने अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किया। 33 सेकंड का वीडियो साझा किया है।
33 सेकंड के वीडियो में क्या?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र की इस वीडियो में कारीगरों की भक्ति और श्री राम की स्वर्ण ज्योति दिखती है। कपड़ा बनाने से लेकर छपाई तक का पूरा प्रोसेस दिखता है। नेपथ्य में श्री राम भजन सुनाई देता है। पोस्ट में लिखा गया है- पहले दिन से ही श्री रामलला सरकार के वस्त्र खास होंगे। हाथ से काता खादी कॉटन जिसमें असली सोने (खड्डी) की छपाई होगी।
किसने रचा श्री राम वस्त्र
श्री राम के वस्त्र को डिजाइन मनीष त्रिपाठी ने किया है। उन्होंने विभिन्न सोशल मीडिया पर कारीगरों की मेहनत, उनके अथक प्रयास की चर्चा की है। लिखा है- प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहले रामनवमी उत्सव के साथ चैत्र नवरात्रि संग पोशाक विशेष होने जा रही है, जिसे सूती खादी कपड़े से तैयार किया गया है और जीवंत रंगों के साथ असली चांदी और सोने के खादी प्रिंट से सजाया गया है। हम भगवान को स्वदेशी भारतीय वस्त्रों और हस्तशिल्प से बनी सुंदर पोशाक पहनाने का संकल्प लेते हैं।
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सूर्य तिलक को लेकर भी खास आकर्षण
रामनवमी पर लाखों श्रद्धालुओं को रामलला के सूर्य तिलक की प्रतिक्षा है। उस दिन सूरज की किरणें श्री रामलला का अभिषेक करेंगी। किरणें 17 अप्रैल को ठीक दोपहर 12 बजे मंदिर की तीसरी मंजिल पर लगाए ऑप्टोमैकेनिकल सिस्टम के जरिए गर्भगृह तक आएंगी।
रामनवमी के मौके पर 20 घंटे देंगे रामलला दर्शन
राम मंदिर में रामनवमी के मौके पर 20 घंटे तक दर्शन की व्यवस्था होगी। ये व्यवस्था 15 से 17 अप्रैल तक रहेगी। वहीं अयोध्या में 100 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन पर रामनवमी का लाइव प्रसारण किया जाएगा। रामलला के सुबह, दोपहर और रात में राग भोग और श्रृंगार में लगभग 4 घंटे लगते हैं। इसके अलावा 20 घंटे दर्शन की व्यवस्था की गई है।
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Published By : Kiran Rai
पब्लिश्ड 9 April 2024 at 08:31 IST