'शासन से मतभेद है, हिंदू का दोष क्या?' द्वारका पीठ स्वामी श्रीसदानंद ने बंग्लादेश हिंसा पर उठाए सवाल
रिपब्लिक से बात करते हुए शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती ने कहा कि अगर शासन से कोई विवाद है, तो इसमें वहां रहने वाले हिंदुओं का क्या दोष है?
- भारत
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Bangladesh Hindu Attack: बांग्लादेश में हिंदुओं की वर्तमान स्थिति किसी से छिपी नहीं है। सरकार विरोधी प्रदर्शनों की आड़ में किसी तरह से हिंदुओं को निशाना बनाया गया है, ये पूरी दुनिया ने देखा है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर रिपब्लिक भारत ने चारों शंकराचार्य की राय जानी। चारों शंकराचार्य ने रिपब्लिक भारत के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के साथ बांग्लादेशी हिंदुओं को लेकर अपनी बेबाक राय रखी। शारदापीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती ने कहा कि अगर शासन से कोई मतभेद है, तो इसमें हिंदुओं का क्या दोष है?
रिपब्लिक से बात करते हुए शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती ने कहा कि भारत का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ। पाकिस्तान से बांग्लादेश का निर्माण हुआ और वहां पिछले 50 सालों में जो कुछ भी हो रहा है वो सबने देखा है। पाकिस्तान की जो स्थिति है, बांग्लादेश की जो स्थिति है, वह पूरे भारत को पता है। दोनों देशों की स्थिति आज अच्छी नहीं है। इससे पहले हिंदुओं के साथ अफगानिस्तान में अन्याय हुआ और अब बांग्लादेश में अन्याय हो रहा है।
'शासन से मतभेद है, हिंदू का दोष क्या?'
स्वामी श्री सदानंद सरस्वती ने कहा कि अफगानिस्तान और ईरान के जैसे ही अब कट्टरपंथी बांग्लादेश में अपनी मनमानी करना चाहते हैं। वहां के लोगों का अगर शासन से कोई विवाद है, तो इसमें वहां रहने वाले हिंदुओं का क्या दोष है? उन्हें चुन-चुन कर क्यों मारा जा रहा है? उनके मंदिरों को क्यों गिराया जा रहा है? बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ क्या हो रहा है, यह सब हम लोग देख रहे हैं। अच्छा यह होगा कि भारत सरकार और बांग्लादेश के सरकार बैठकर इसपर बात करें और कोई रास्ता निकालें।
'पूरे विश्व में जहां-जहां हिंदू रहते हैं...'
शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती ने कहा कि 'हम चारों पीठों के शंकराचार्य का मत एक है, हमारे सिद्धांत एक है। हमारे देश के जितने भी अचार्य हैं। जितने भी महामंडलेश्वर हैं, आचार्य महामंडलेश्वर है। सभी लोग एस विषय को लेकर चिंतित हैं। जल्द ही इस समस्या का हल होना चाहिए। ऐसा ना होने पर यह स्वभाव बन जाएगा कि पूरे विश्व में हिंदू जहां-जहां रहते हैं, वहां-वहां जो समस्याएं आएंगी, तो हिंदुओं की सहायता करने के लिए कोई खड़ा नहीं हो पाएगा। इसलिए पूरे देश में, पूरे विश्व में जहां-जहां हिंदू हैं, उनको भी हम संदेश देना चाहते हैं कि जो जहां हैं वहीं पर अपने हिंदू धर्म की रक्षा करने के लिए सनातन धर्म की रक्षा करने के लिए जो कर सकते हैं करें।'
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शंकराचार्य ने कहा कि ‘हमारे सनातन धर्म को मानने वाले पाकिस्तान में तो ना के बराबर हैं। बांग्लादेश में फिर भी एक सवा करोड़ है। इतनी संख्या होने के बाद भी जब उनपर संकट आ रहा है, तो उस पर विचार करना चाहिए और भारत के मुसलमानों को भी विचार करना चाहिए कि वहां कौन किसको मार रहा है। आपका विवाद सरकार के साथ है। वहां मुसलमान-मुसलमान पर अत्याचार कर रहे हैं। मुसलमान हिंदुओं पर अत्याचार कर रहे हैं, सिखों पर अत्याचार कर रहे हैं। सभी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है, तो हमें भी सचेत होने की आवश्यकता है।’
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