अमेरिका के आगे गिरकर सीजफायर कराया, कुछ घंटों में फिर भारत की ओर हमले; क्या आपस में लड़ रहे हैं शाहबाज शरीफ और PAK आर्मी चीफ
भारत के साथ पाकिस्तान का संघर्ष सीमा पर बना है, लेकिन एक बात स्पष्ट दिखाई पड़ती है कि असीम मुनीर की सेना अपने देश के प्रधानमंत्री की नहीं सुनती है। खैर पाकिस्तान में हमेशा ऐसा होता आया है।
- भारत
- 3 min read

India Pakistan: अमेरिका से डोनाल्ड ट्रंप सिर्फ ऐलान करके रह गए और इधर पाकिस्तान अपने वादे पर टिका नहीं। तो क्या मान लिया जाए कि पाकिस्तान के भीतर खुद लड़ाई छिड़ी है, जिसमें एक तरफ सरकार और दूसरी तरफ वहां की सेना है। मतलब की प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर के बीच टकराव मौजूदा दौर में बना हुआ है। शायद इसी टकराव का नतीजा है कि पाकिस्तान ने फिर कायरता दिखाई और पहले सीजफायर की बात करके रात में ड्रोन अटैक शुरू कर दिए। खैर, भारत पाकिस्तान से पूरी तरफ वाकिफ है और यही वजह है कि पाकिस्तान के हमलों का तुरंत और सटीक जवाब दिया गया।
भारत के साथ पाकिस्तान का संघर्ष सीमा पर बना है, लेकिन एक बात स्पष्ट दिखाई पड़ती है कि असीम मुनीर की सेना अपने देश के प्रधानमंत्री की नहीं सुनती है। खैर पाकिस्तान में हमेशा ऐसा होता आया है। हालांकि पिछली रात की घटना की अहमियत इसलिए बढ़ जाती है कि अमेरिका पाकिस्तान का हिमायती बनकर भारत के साथ सीजफायर पर बात करने आया था। शांति को प्राथमिकता देते हुए भारत तो तैयार हो गया, लेकिन पाकिस्तान की सेना यहां अमेरिका के लिए भी सवाल खड़े कर गई है।
पाकिस्तान में सेना ने ही सरकार की बात नहीं मानी!
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा हुआ कि पाकिस्तान सरकार को आंख दिखाकर उसकी सेना सीजफायर उल्लंघन किया। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पाकिस्तान सेना ने सरकार के आदेशों को नजरअंदाज किया है और अपनी मर्जी से फायरिंग की। दावे कितने सही है ये संघर्ष के इस समय में जानना जरूरी हो जाता है, लेकिन पाकिस्तान की सेना अक्सर इस तरह के घटिया कारनामे करती रही है, जिससे उसको लेकर अंदेशा आसानी से लगाया जा सकता है। अगर वाकई ऐसा हुआ है तो इससे साफ है कि पाकिस्तान की चुनी हुई सरकार और सैन्य नेतृत्व के बीच गंभीर मतभेद हैं।
पाकिस्तान में मुनीर पर भी उठे सवाल
दरकिनार नहीं किया जा सकता है कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा है तो वहां का आर्मी चीफ मुनीर भी सवालों के घेरे में आया है। खुद पाकिस्तान के लोगों ने मुनीर पर राजनीतिक लाभ लेने के लिए सेना का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए। विपक्ष की तरफ से भी असीम मुनीर पर दबाव बढ़ा। कहा ये भी जा रहा है कि शायद जबरदस्ती भारत के साथ सीजफायर समझौता तोड़कर असीम मुनीर खुद की छवि को अपने मुल्क में सुधारने की कोशिश में लगे हैं। भारत के नजरिए से कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि आपसी लड़ाई के चक्कर में पाकिस्तान की सरकार और पाकिस्तान की आर्मी की ओर से खूब नाटक किया जा रहा है।