जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, 5 सदस्यों वाली हाई पावर्ड कमेटी का किया गठन, हर पहलू की होगी जांच

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यों वाली एक हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) बनाई है। इसमें दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व जज से लेकर CBI के पूर्व डायरेक्टर भी शामिल हैं।

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SC say High powered committee will be formed to investigate Jantar Mantar Protest
Jantar Mantar Protest: SC ने जांच के लिए हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) बनाई है। | Image: ANI

High Powered Enquiry Committee: जंतर-मंतर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (20 अगस्त) को पांच सदस्यों वाली एक हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) बनाई है। कमेटी में दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व जज से लेकर CBI के पूर्व डायरेक्टर भी शामिल हैं। यह कमेटी कई आरोपों की जांच करेगी, जिनमें पैलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन, लाठीचार्ज और आंसू गैस का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल जैसे मुद्दे शामिल हैं।

SC ने जांच के लिए HPEC टीम बनाई

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ पुलिस, पैरामिलिट्री फ़ोर्स और दूसरे सुरक्षा कर्मियों द्वारा ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग के आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यों वाली एक हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) बनाई है। इस कमेटी के प्रमुख सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी हैं।

HPEC टीम में पूर्व जज से लेकर CBI के पूर्व डायरेक्टर शामिल

हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी के अन्य सदस्यों में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शालिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस डॉ. एल.आर. बिश्नोई शामिल हैं।

कमेटी इन मामलों की करेगी बारीकी से जांच

HPEC कमेटी कई आरोपों की जांच करेगी, जिनमें पैलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन, लाठीचार्ज और आंसू गैस का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित हिंसा, पुलिस की निगरानी, ​​भीड़ को काबू करने के तरीकों की उचितता और पीड़ितों को मेडिकल मदद व मुआवज़ा देने जैसे मुद्दे शामिल हैं। साथ ही, यह कमेटी पुलिस कर्मियों के खिलाफ़ हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बारे में अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी विचार करेगी।

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Published By:
 Sahitya Maurya
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