गैंगस्टर अबू सलेम को बड़ा झटका, मुंबई ब्लास्ट मामले में समय से पहले रिहाई की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी और गैंगस्टर अबू सलेम की समय से पहले रिहाई की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।
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मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी और गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने सलेम की समय से पहले रिहाई की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के अप्रैल के फैसले को बरकरार रखते हुए सलेम की याचिका को निरस्त कर दिया। बता दें कि बीते 27 जुलाई को कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रखा था।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी और गैंगस्टर अबू सलेम की समय से पहले रिहाई की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के अप्रैल के फैसले को बरकरार रखते हुए सलेम की याचिका को निरस्त कर दिया।पीठ को हाईकोर्ट के फैसले में कोई खामी नहीं मिली।
सलेम ने कोर्ट में दिया ये तर्क
हाईकोर्ट ने सलेम की याचिका को समय से पहले दायर की गई और गलत धारणा पर आधारित बताते हुए खारिज कर दिया था। सलेम का तर्क था कि जेल में मिली छूट (remission) को जोड़ने पर उसने 25 साल की सजा पूरी कर ली है, इसलिए उसे रिहा किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उसकी 25 साल की अवधि 2030 में पूरी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
अबू सलेम ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इससे पहले फरवरी में भी सुप्रीम कोर्ट उसकी याचिका खारिज कर चुका है। सलेम की तरफ से यह भी दलील दी गई कि पुर्तगाल से उसके प्रत्यर्पण की शर्तों के मुताबिक भारत में उसकी जेल की सजा 25 साल से अधिक नहीं हो सकती। भारत और पुर्तगाल के बीच हुए प्रत्यर्पण समझौते के अनुसार उसे मौत की सजा नहीं दी जा सकती और अधिकतम सजा 25 साल तक सीमित है।
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1993 में मुंबई में क्या हुआ था?
बता दें कि 12 मार्च 1993 को मुंबई में एक के बाद एक 12 बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 250 से अधिक लोग मारे गए और करीब 700 लोग घायल हुए थे। अब सलेम इस हमले का मास्टरमाइंड था। अबू सलेम को 2005 में पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था। कोर्ट ने उन्हें मुंबई ब्लास्ट मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अबू सलेम की समय से पहले रिहाई की कोशिश फिलहाल खारिज हो गई है।