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Updated June 11th, 2024 at 23:38 IST

SBI Reward पॉइंट का आया लिंक, फिर 3 बार में उड़ गए 2 लाख रुपये; MP में कलेक्टर के बेटे से साइबर ठगी

MP News: मध्य प्रदेश के गुना में कलेक्टर के बेटे से साइबर ठगी हो गई।

Reported by: Digital Desk
Edited by: Kunal Verma
MP Police
प्रतीकात्मक तस्वीर | Image:PTI/प्रतीकात्मक तस्वीर
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सत्यविजय

MP News: मध्य प्रदेश के गुना में कलेक्टर के बेटे से साइबर ठगी हो गई। बताया जा रहा है कि SBI Reward पॉइंट के फेक लिंक पर क्लिक करने के बाद उसके अकाउंट से 2 लाख 8 हजार रुपये उड़ गए।

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ये है पूरा मामला

गुना में पदस्थ कलेक्टर सत्येंद्र सिंह के बेटे के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने उन्हें रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम करने के लिए वेब लिंक भेजी। इसे खोला तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का हूबहू पेज खुला। इसके बाद तीन वन टाइम पासवर्ड (OTP) भेजे गए। इन्हें एंटर करते ही अकाउंट से 3 बार में 2.08 लाख रुपए कट गए। मामला 3 मई का है।

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उन्होंने सोमवार (10 जून) देर रात कैंट थाने में एफआईआर कराई है। कलेक्टर सतेंद्र सिंह के बेटे प्रेमांशु ने शिकायत में बताया कि 3 मई को एक मोबाइल नंबर से एसबीआई रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम करने के संबंध में एक वेबलिंक आया। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद OTP आया। इसे उन्होंने वेब लिंक के पेज पर सबमिट किया तो 50 हजार रुपये कट गए। इस मामले में कैंट टीआई दिलीप राजोरिया ने बताया कि प्रेमांशु की शिकायत पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

लौह-इस्पात बाजार समिति से 54 करोड़ से अधिक की ठगी की

इससे पहले खुद को एक राष्ट्रीयकृत बैंक की अधिकारी बताकर मुंबई महानगर क्षेत्र लौह एवं इस्पात बाजार समिति से 54 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने के आरोप में एक महिला के विरुद्ध नवी मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज किया है। कलंबोली स्थित समिति के एक पदाधिकारी की ओर से दर्ज करवाई गई शिकायत के अनुसार, जून 2022 में पनवेल में एक महिला ने खुद को एक राष्ट्रीयकृत बैंक की प्रबंधक बताकर समिति के सदस्यों और पदाधिकारियों से संपर्क किया।

अधिकारी ने बताया कि महिला ने उनका विश्वास जीतते हुए फर्जी दस्तावेज के साथ कोटेशन प्रस्तुत करने के बाद उनसे उच्च ब्याज दर का वादा करते हुए समिति के धन को सावधि जमा में निवेश करने के लिए प्रलोभन दिया। उन्होंने बताया कि सदस्यों और पदाधिकारियों ने 54.28 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिसके लिए आरोपी महिला ने फर्जी रसीदें जारी की।

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अधिकारी ने बताया कि जब समिति ने जमा की अवधि समाप्त होने पर धन वापसी और ब्याज की मांग की तो महिला टालमटोल करने लगी और धनराशि भी नहीं लौटाई। उन्होंने बताया कि आरोपी ने 24 मई 2024 को बैंक के कोषागार एवं निवेश विभाग की ओर से कथित तौर पर जारी एक फर्जी पत्र भी पेश किया, जिसमें धन और ब्याज राशि लौटाने के लिए और समय मांगा गया था।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने सोमवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465 (जालसाजी) और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया और जांच जारी है।

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(इनपुटः PTI भाषा के साथ रिपब्लिक भारत)

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Published June 11th, 2024 at 23:34 IST

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