सनातन धर्म की रक्षा के लिए होगा सनातन बोर्ड का गठन, समाज में आएगी समरसता- रामविलास वेदांती

सनातन धर्म की रक्षा के लिए सनातन बोर्ड का गठन होगा और उसमें समय लगेगा भारत के हर जिले में इसी प्रकार का सम्मेलन हो लोगों को बताया जाए।

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Dr Ram Vilas Vedanti
Dr Ram Vilas Vedanti | Image: X

Sanatan Board: सनातन बोर्ड की मांग का समर्थन करते हुए रामविलास वेदांती ने कहा कि यह सनातन बोर्ड का हमने जो गठन किया जाएगा वह जैसे राम जन्मभूमि का अशोक सिंघल ने प्रारंभ किया था उसमें काफी समय लगा और 2024 में हमें सफलता मिली। राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण हुआ जिसका उद्घाटन हमारे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया वैसे ही सनातन धर्म की रक्षा के लिए सनातन बोर्ड का गठन होगा और उसमें समय लगेगा भारत के हर जिले में इसी प्रकार का सम्मेलन हो लोगों को बताया जाए।

वेदांती ने कहा कि सन 1984 से राम मंदिर के लिए आंदोलन प्रारंभ हुआ और 22 जनवरी को 2024 में मंदिर का निर्माण हुआ। वैसे ही सनातन धर्म का आंदोलन जो शुरू हुआ है इसमें समय लगेगा, देश के लोगों को जागृत करना होगा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेरा निवेदन है कि जल्द से जल्द सनातन बोर्ड लागू किया जाए और वक्फ बोर्ड को खत्म किया जाए।  

वक्फ का गठन भारत की जमीन को हड़पने के लिए हुआ- वेदांती

वक्फ बोर्ड का गठन केवल मुसलमान के वोटों को प्राप्त करने के लिए हुआ था। भारत की जमीन को हड़पने के लिए हुआ था। वक्फ बोर्ड का निर्माण आतंकवाद फैलाने के लिए कांग्रेस ने लागू किया था। हम चाहते हैं सामाजिक समरसता बनी रहे। समाज के हर वर्ग के लोगों को साथ में लेकर चले, वह बोर्ड हम चाहते हैं। उसी तर्ज पर हम लोग भी सनातन बोर्ड के स्थापना करके समाज के लोगों को एक करने का काम करें।

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सनातन बोर्ड किसी के खिलाफ नहीं है- चिदानंद मुनि

चिदानंद मुनि ने कहा कि पहली बात सनातन बोर्ड किसी के खिलाफ नहीं है। पूरे विश्व में जहां सनातन है वहीं पर सुरक्षा है। सनातन किसी पर आक्रमण करने पर विश्वास नहीं करता ना सनातनी किसी को डराता है।

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जब-जब भारत बंटा है तब-तब भारत कटा- चिदानंद मुनि

'बंटोगे तो कटोगे' जो कहा जा रहा है यह नारा निश्चित रूप से नारा नहीं है, यह तो वही बात कह रहे हैं कि देखो बांटना नहीं है। एक दूसरे को हम सबको साथ रहना है। बंटोगे तो कटोगे का अर्थ इतना है यहां पर जब-जब भारत बंटा है तब-तब भारत कटा है और भारत जब भी बटा है तो सबसे ज्यादा हिंदू कटे हैं।

महाकुंभ में मुसलमानों का जाना प्रतिबंधित हो- चिदानंद मुनि

महाकुंभ में मुसलमानों का जाना प्रतिबंधित है क्योंकि किसी भी तरीके से क्योंकि इतनी बड़ी भीड़ है। इतने सारे लोग हैं। 40 करोड़ लोग होंगे, इसमें यदि कोई और लोग होंगे जो सनातन पर विश्वास नहीं करता वह जाकर भक्ति में कुछ गड़बड़ करेंगे, इसलिए अच्छा है जब आपकी सनातन में आस्था नहीं है तो आपको दुकान लगाने की और महाकुंभ में जाने की जरूरत भी नहीं है क्योंकि थूक जिहाद से हिंदुओं को बचाना है। 

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Published By :
Deepak Gupta
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