नवाब मलिक की बेटी सना मलिक ने किया बहुविवाह का समर्थन, विधानसभा में बोलीं- कुरान में इसका जिक्र, पाकिस्तान की तरह भारत में भी लागू हो; मचा बवाल
NCP विधायक सना मलिक के बहुविवाह का बचाव करने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मलिक ने कहा कि कुरान में इसका जिक्र है। पाकिस्तान ने इसे लागू किया है और अगर इसे यहां भी लागू किया जाता है, तो हमें कोई दिक्कत नहीं है।
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Sana Malik Statement: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार गुट की विधायक सना मलिक ने बहुविवाह का बचाव करते हुए जो टिप्पणी की, उसने हंगामा खड़ा कर दिया है। नवाब मलिक की बेटी सना के इस बयान के बाद तीखी आलोचना शुरू हो गई है। सना ने बहुविवाह को सही ठहराते हुए कुरान और पाकिस्तान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इसे लागू किया है और अगर इसे यहां भी लागू किया जाना चाहिए।
‘कुरान में लिखा है तो…’
विधानसभा में चर्चा के दौरान बोलते हुए सना मलिक ने कहा कि कुरान में बहुविवाह का जिक्र है। बहुविवाह अब हर दूसरे धर्म में भी होता है। क्या सारा उत्पीड़न सिर्फ मुस्लिम महिलाओं का ही होता है? इस्लाम में बहुविवाह की इजाजत है। मुस्लिम कानून में इसकी इजाजत है और कुरान में इसका जिक्र है।
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान ने इसे लागू किया है और अगर इसे यहां भी लागू किया जाता है, तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। अगर किसी चीज का जिक्र कुरान में है और उसे पाकिस्तान में लागू किया गया है, तो हमारी मांग है कि उसे यहां भी लाया जाए।
सना मलिक ने कहा कि मुसलमानों में बहुविवाह की इजाजत है, लेकिन क्या सिर्फ मुसलमान ही बहुविवाह कर रहे हैं? क्या सिर्फ मुस्लिम पुरुष ही बहुविवाह कर रहे हैं और दूसरे धर्मों के पुरुष ऐसा नहीं कर रहे हैं? मुसलमानों को बहुविवाह का तरीका बताया गया है और वे उसका पालन करते हैं।
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तीन तलाक पर भी बोलीं सना मलिक
NCP विधायक ने तीन तलाक पर बोलते हुए यह भी कहा कि इसे इसलिए समाप्त हो गया क्योंकि इसका हमारे धर्म में कभी जिक्र ही नहीं था। अगर इसका पालन किया जाता है, तो हम भी इसका पालन करते हैं। हम इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाते।
उनके बयान पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और BJP विधायक नितेश राणे ने समान नागरिक संहिता (UCC) और ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक के संबंध में केंद्र सरकार पहले ही निर्णय ले चुकी है, लेकिन विधानसभा में बैठे कुछ लोग आज भी कुरान और मुस्लिम धर्मग्रंथों का हवाला देकर UCC का विरोध करते हैं। समान नागरिक संहिता का उल्लेख संविधान में किया गया है, लेकिन कुछ लोग संविधान की बात केवल तब करते हैं जब उन्हें अपने अवैध कार्यों को सही ठहराना होता है।
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राणे ने कहा कि अगर किसी को देश के कानूनों और संविधान का पालन नहीं करना है, तो उसे अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और पाकिस्तान चले जाना चाहिए। जो लोग हिंदू धर्म के विरोध बयानबाजी करते हैं, उन्हें भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं और उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
बाद में दी सफाई
बयान को लेकर विवाद होने के बाद सना मलिक ने सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया था। सना ने कहा कि विधानसभा में हुई चर्चा मुख्य रूप से महिलाओं, पारिवारिक मामलों और तलाक पर केंद्रित थी। भाजपा विधायक देवयानी फरांदे ने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा था कि वहां बहुविवाह से संबंधित कुछ कानून लागू हैं। उनका बयान उनकी बात के जवाब में था।
सना ने कहा कि उनका इरादा यह कहना था कि भारतीय मुसलमानों के मार्गदर्शन के लिए पाकिस्तान को उदाहरण के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। अगर कोई मार्गदर्शन देना ही है तो वह कुरान से आना चाहिए, क्योंकि पाकिस्तान खुद इस्लामी शिक्षाओं से निकले सिद्धांतों का पालन करता है। भारतीय मुसलमान पाकिस्तान को एक वैचारिक आदर्श के रूप में नहीं देखते हैं।