बड़े भाई की मौत, 10वीं में 92% अंक और...iPhone नहीं बल्कि इस वजह से पहाड़ी से कूदा कुणाल; मां से से करता रहा एक ही रट; जानिए क्या
'जीने की कोई इच्छा नहीं। मेरी जिंदगी का कोई अर्थ नहीं है।' ये कुणाल के वो आखिरी शब्दे थे जो उसने पहाड़ी से कूदने से पहले अपनी मां से कहा था। अब सवाल उठ रहा है कि iPhone की जिद्द या कुणाल की आत्महत्या की कुछ और वजह थी।
- भारत
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'मां, मेरी कोई नहीं सुनता। अब जीने की कोई इच्छा नहीं। मेरी जिंदगी का कोई अर्थ नहीं। मेरा कुछ नहीं होगा।' ये कुणाल के वो आखिरी शब्दे थे जो उसने पहाड़ी से कूदने से पहले अपनी मां से कहा था। इसके चंद सकेंड बाद ही वो पहाड़ी से नीचे कूद गया। शुरुआती जांच में यह दावा किया गया था कि बेटे ने iPhone की जिद में यह खौफनाक कदम उठाया। मगर जैसे -जैसे इस केस की जांच आगे बढ़ रही है चौंकाने वाले खुलासे हो रहा हैं।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (तिसगांव इलाका) के खावड्या पहाड़ पर एक दर्दनाक घटना घटी है, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। 18 साल कुणाल चंदगुडे ने iPhone की EMI और पैसों के विवाद के बाद खावड्या पहाड़ से कूदकर आत्महत्या कर ली। उन्हें बचाने की कोशिश में उनके पिता भी जान गंवा बैठे। पति और बेटे के जाने के सदमे में मां ने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। महज कुछ ही सेकेंड में एक खुशहाल पारिवार का आशियाना बिखर गया।
iPhone के लिए आत्महत्या की पुष्टी नहीं
घटना की जांच कर रहे डीसीपी रत्नाकर नवल ने बताया कि 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस, दमकल विभाग और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोग भी मौजूद थे और युवक को समझाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण घटना टल नहीं सकी। उन्होंने कहा, “युवक बहुत तनाव में था। प्रारंभिक जांच में कहीं भी यह बात सामने नहीं आई कि युवक ने आईफोन के लिए आत्महत्या की। मगर पुलिस जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई है।”
छह साल पहले कुणाल के भाई की हुई थी मौत
डीसीपी ने बताया कि शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में आईफोन की जिद का जिक्र किया गया था, लेकिन पुलिस जांच में यह दावा खारिज हो गया है। असली कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। चूंकि परिवार का कोई भी सदस्य जीवित नहीं बचा, इसलिए सच्चाई सामने आने में समय लग सकता है। वहीं, रिश्तेदारों के अनुसार, मुरलीधर चंदगुडे ट्रक चालक थे और ज्यादातर समय घर से दूर रहते थे। परिवार में दो बेटे थे। छह साल पहले बड़े बेटे की बीमारी से मौत हो गई थी, जिसके बाद घर में कलह बढ़ गई थी।
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10वीं में 92% अंक लाने के बावजूद डिप्रेशन में था कुणाल
कुणाल में पढ़ाई में भी बहुत अच्छा था। 10वीं की परीक्षा में उसने 92% अंक लाए थे। मां के साथ उसकी बॉन्डिंग अच्छी थी। मगर पिता-पुत्र के संबंध अच्छे नहीं बताए जा रहे हैं। मुरलीधर दो दिन पहले घर लौटे थे। इसके बाद पिता-पुत्र के बीच झगड़ा हुआ और कुणाल पहाड़ी पर चला गया। आसपास के कुछ लोग बता रहे हैं कि युवक गंभीर डिप्रेशन में था।
मां ने बेटे को बचाने की हर मुमकिन कोशिश की
मृतक कुणाल की मां संगीता रोते हुए अपने बेटे से पहाड़ी से हटने की गुहार लगाती रही यहां तक कि वो बेटे के लिए पति का साथ छोड़ने के लिए भी तैयार हो गई। एक वीडियो में वो अपने बेटे से कर रही थी, ' तुम्हारा अपने पिता से झगड़ा है, देखो मैं मंगलसूत्र उतारकर फेंक देती हूं। मैं तुम्हारे पिता को छोड़ दूंगी बस तुम मेरे साथ आओ। हम साथ रहेंगे, पर मुझे मत छोड़ना।' मगर कुणाल ने जिंदगी को खत्म करने का फैसला ले लिया था।