'किसी संगठन को कंट्रोल नहीं करता RSS, लोगों में गलत धारणा', राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच मोहन भागवत का बयान

जब पत्रकारों ने RSS प्रमुख मोहन भागवत से राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर सवाल पूछा, तो उन्होंने इसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने बस दो शब्द 'राम-राम' कहे और वहां से चले गए।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
RSS Chief Mohan Bhagwat
मोहन भागवत का बयान | Image: X

RSS Chief Mohan Bhagwat: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर हंगामा बरपा हुआ है। विवाद के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) चीफ मोहन भागवत का बड़ा बयान आया है। नागपुर में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि RSS किसी संगठन को कंट्रोल नहीं करता। संघ से जुड़े विभिन्न संगठन स्वतंत्र रूप से काम करते हैं।

भागवत ने कहा कि लोगों में यह गलतफहमी रहती है कि संघ से जुड़े सभी संगठन सीधे RSS के नियंत्रण में हैं। उन्होंने इस धारणा को गलत बताया।

हम किसी को कंट्रोल नहीं करते- भागवत

RSS चीफ ने कहा कि संघ को लेकर लोगों में बड़ी गलतफहमी है। संघ के अलावा बहुत सारे संगठन काम कर रहे हैं, जिनमें लाखों स्वयंसेवक और कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं और अनेक प्रकार की गतिविधियां चल रही हैं। लोगों की धारणा बन गई है कि संघ ही सब कुछ चलाता है, सबको केंद्रीय रूप से निर्देश देता है या रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित करता है, लेकिन हकीकत यह बिल्कुल नहीं है। संघ की कार्य-प्रणाली में ऐसी कोई केंद्रीकृत नियंत्रण व्यवस्था नहीं है।

चढ़ावा चोरी के सवाल से बचते नजर आए भागवत

वहीं, कार्यक्रम से निकलते समय RSS प्रमुख मोहन भागवत से राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़ा एक सवाल किया गया, जिसका जवाब देने से वे बचते नजर आए। उनसे पूछा गया कि कुछ लोग भगवान श्री राम में आस्था को कमजोर कर रहे हैं, तो उन्होंने बस "राम-राम" कहा और वहां से चले गए।

Advertisement

कोई भी सबसे करीबी या प्रिय नहीं- RSS नेता इंद्रेश कुमार

इससे पहले RSS नेता इंद्रेश कुमार ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर बयान दिया था। उन्होंने RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले के बयान का समर्थन करते हुए कहा था कि उन्होंने जो कहा है, वह इस देश के लाखों-करोड़ों स्वयंसेवकों और करोड़ों लोगों की आवाज है। देश के राजनेताओं को इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। सरकार, संगठन और ट्रस्ट निश्चित रूप से न्याय करेंगे। हमें इस पर विश्वास रखना चाहिए और इंतजार करना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार, संगठन और ट्रस्ट के लिए कोई भी सबसे करीबी या प्रिय नहीं है। संघ हमेशा से यह कहता आया है कि सभी के लिए न्याय होना चाहिए।

Advertisement

यह भी पढ़ें: Bihar: लालू-राबड़ी की सुरक्षा में फिर बदलाव, सम्राट सरकार ने बहाल की Z सिक्योरिटी, बुलेटप्रूफ गाड़ियां भी मिली

Disclaimer: इस आर्टिकल में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं.