RG-Kar केस को लेकर गरजे CM सुवेंदु अधिकार, बेटी का नाम सुनते ही विधानसभा में फूट-फूटकर रो पड़ीं MLA मां रत्ना देबनाथ-Video

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कहा कि नई सरकार अभया को न्याय दिलाने के लिए ढृंढ संकल्प है। उनके इस आश्वासन को सुनते ही सदन में मौजूद अभया की मां फूट-फूटकर रो पड़ीं।

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में उस समय माहौल बेहद भारी हो गया, जब आरजी कर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ फूट-फूटकर रोने लगी। उनके आस-पास मौजूद महिला विधायकों ने उन्हें ढांढस बंधाया और उनके आंसू पोछे। दरअसल, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी विधानसभा में जीरो टॉलरेंस नीति पर अपनी बातें रख रहे थे। इस दौरान उन्होंने RG-Kar केस का भी जिक्र किया। सीएम के मुंह जैसी ही रत्ना देबनाथ ने अपनी बेटी नाम का सुना, फफक पड़ी।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कहा कि नई सरकार अभया को न्याय दिलाने के लिए कृतसंकल्प है। उनके इस आश्वासन को सुनते ही सदन में मौजूद अभया की मां फूट-फूटकर रो पड़ीं। बेटी को खोने का दर्द और पिछली सरकार की बेरुखी उनकी आंखों से साफ छलक रही थी। अभया की मां वर्तमान में पानिहाटी सीट से भाजपा विधायक हैं।

सुवेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में क्या कहा?

सुवेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में स्पष्ट कहा, 'आरजी कर मामले में न्याय मिलेगा। बंगाल की जनता ने हमें वोट दिया है ताकि अभया के आंसुओं का हिसाब लिया जा सके।” उन्होंने कहा कि इंसाफ सुनिश्चित करने के लिए तीन IPS अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और संदीप घोष जैसे लोगों को हटा दिया गया है। बाकी सभी पहलुओं को भी साफ किया जाएगा।' बता दें कि आरजी कर रेप मामले के दौरान डॉ संदीप घोष हॉस्पिटल के हेड थे।

ड्यूटी पर तैनात ट्रेनी डॉ. की रेप के बाद हुई थी हत्या

बता दें कि 9 अगस्त 2024 को कोलकाता में आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात 31 साल की पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। जब यह घटना हुई थी तो उस समय तृणमूल कांग्रेस सत्ता में थी। इस घटना ने पूरे राज्य की राजनीति को झकझोर दिया था। केस को 'अभया कांड' सिंबॉलिक नाम दिया गया। कोर्ट ने इस जुर्म के मुख्य आरोपी संजय राय को उम्र कैद की सजा सुनाई है। कोलकाता के सियालदह कोर्ट ने 18 जनवरी को संजय रॉय को दोषी करार दिए जाने के बाद  20 जनवरी को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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पीड़िता की मां को नई सरकार पर भरोसा

मगर पीड़िता के माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दायर कर जांच पर सवाल उठाया है और इस मामले के दोबारा जांच की मांग की थी। नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले को प्राथमिकता देते हुए कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री ने दृढ़ता के साथ कहा कि बंगाल की जनता ने इस नई सरकार को अभया को इंसाफ दिलाने के लिए चुना है। 

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड