Ketan Agarwal Murder: सिया ने केतन को क्यों मारा? 'अगर मैं सगाई तोड़ देती तो परिवार वाले...', खुल गया सबसे बड़ा राज
Pune Ketan Agarwal Murder: सिया गोयल शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। उस पर अपने परिवार का दबाव था कि वह शादी का प्रस्ताव मान ले।
- भारत
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Ketan Agarwal Murder Case: सफल कारोबार, लग्जरी लाइफस्टाइल, बेइंतहा प्यार करने वाला जीवनसाथी… सिया गोयल को वो सब कुछ मिल रहा था, जिसकी ज्यादातर लड़कियां सपने देखा करती हैं। फिर भी सिया ने अपने मंगेतर को लोहागढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई से धक्का देकर मार क्यों दिया? शादी से बचने के लिए ‘न’ कहने की जगह उन्होंने हत्या का रास्ता क्यों चुना? ये सवाल हर किसी के जहन में आ रहा है।
पुणे की केतन हत्याकांड में पुलिस जांच में एक-एक परत खुल रही है। पूछताछ में सिया और उसका प्रेमी चेतन चौधरी हर एक राज उगल रहा है।
सिया को था परिवार की बदनामी का डर
पुलिस की पूछताछ में आरोपी सिया ने इस घटना को अंजाम देने के पीछे की वजह का भी खुलासा किया है। सूत्रों के मुताबिक उसने बताया कि वो केतन अग्रवाल के साथ हुई सगाई को तोड़ना नहीं चाहती थी। अगर सगाई टूट जाती तो उसके परिवार की काफी बदनामी होती। समाज में उसके परिवार के बारे में अलग-अलग बातें करते। इसलिए सिया ने सगाई न तोड़ने की जगह केतन अग्रवाल से पीछा छुड़ाने के लिए उसे मारना बेहतर समझा। सिया को लगा कि वे केतन की हत्या को एक हादसा बता देगी और मामल खत्म हो जाएगा।
शादी के लिए तैयार नहीं थी सिया
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया है कि आरोपी सिया गोयल शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। उस पर अपने परिवार का दबाव था कि वह शादी का प्रस्ताव मान ले।
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केतन और सिया की सगाई फरवरी में हुई थी और नवंबर में दोनों शादी के बंधन में बंधने वाले थे। उनकी शादी की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही थी। परिवारों ने जयपुर में 17 करोड़ रुपए में एक महल बुक किया था और मेहमानों के लाने ले जाने के लिए दो प्राइवेट प्लेन का इंतजाम किया था।
सिया और चेतन ने ऐसे रची साजिश
सिया ने अपने जन्मदिन से एक दिन पहले प्रेमी चेतन संग मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से गहरी खाई में धक्का देकर मार डाला। इस घटना को पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया। सिया बार-बार केतन के साथ लोहागढ़ किला जाने की जिद करती थी। दोनों कई बार वहां साथ गए। सिया ने 18 जून को आखिरकार अपने प्लान को अंजाम दिया।
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सिया और चेतन ने मिलकर अच्छे से प्लानिंग की थी। दोनों ने कोडवर्ड भी तय किए थे। 18 जून को केतन और सिया के पीछे-पीछे चेतन भी लोहागढ़ किला पहुंच गया। वे विंचू काटा रिज के पास एक सुनसान चट्टान पर खड़ा हुआ और सिया की ओर से सिग्नल का इंतजार किया। तय प्लान के मुताबिक सिया ने जैसे ही बैठकर इशारा किया, तो चेतन पीछे से केतन के पास आकर उसे धक्का दे दिया। इसके बाद सिया इसे हादसा बताकर वहां जोर-जोर से चिल्लाने लगी।