अपडेटेड 26 January 2026 at 14:40 IST
Republic Day 2026: वंदे मातरम की गूंज और ब्रह्मोस-राफेल-सुखोई की दहाड़... कर्तव्य पथ पर 77वें रिपब्लिक डे परेड में क्या रहा खास?
भारत ने आज, 26 जनवरी को हर्षोल्लास के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस मौके पर राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ भव्य परेड का आयोजन किया गया। इस परेड के जरिए भारत ने अपनी सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विरासत की झलक पूरी दुनिया को दिखाई।
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भारत ने आज, 26 जनवरी को हर्षोल्लास के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ शानदार परेड का आयोजन किया गया, जिसमें भारत की विकास की यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का शानदार प्रदर्शन एक साथ दिखा। कर्तव्य पथ पर आयोजित इस ऐतिहासिक परेड की थीम 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने पर केंद्रित रही, जिसकी अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला लॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा इस साल गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि रहे।
गणतंत्र दिवस पर भव्य परेड का साक्षी बनने के लिए देश के कोने-कोने से लोग राजधानी दिल्ली पहुंचे थे। कर्तव्य पथ पर अहले सुबह से लोगों की भारी भीड़ नजर आई। समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। इसके बाद पीएम मोदी कर्तव्य पथ पर पहुंचे। उनके साथ कई गणमान्य भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागगत करने कर्तव्य पथ पर मौजूद रहे।
राष्ट्रगान और तिरंगे को सलामी के साथ परेड का आगाज
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य अतिथि यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा तथा यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन राष्ट्रपति भवन से पारंपरिक बग्घी में सवार होकर कर्तव्य पथ पहुंचे। इसके बाद देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर देश की आन-बान और शान तिरंगा झंडा फहराया और सलामी दी। तिरंगे को 21 तोपों की सलामी दी गई।
शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र का सम्मान
कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय अंतरिक्ष यात्री IAF ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार,अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। इसके बाद सुबह करीब सुबह 10:30 बजे कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आगाज हुआ जो करीब डेढ़ घंटे तक चला। इस बार के परेड का मुख्य आकर्षण ऑपरेशन सिंदूर रहा, जिसमें भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना द्वारा इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के मॉडल और टेबल्यू प्रदर्शित किए गए।
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कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस-राफेल-सुखोई की दहाड़
यह ट्राई-सर्विसेज टेबल्यू 'ऑपरेशन सिंदूर: विक्ट्री थ्रू जॉइंटनेस' के नाम से था, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल, एस-400 डिफेंस सिस्टम, राफेल विमान, स्कैल्प मिसाइल सहित अन्य प्रमुख हथियारों का प्रदर्शन किया गया।। 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों द्वारा ध्वज फॉर्मेशन में फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गई। इस पल को देखकर हर भारतीय गर्व से फूले नहीं समा रहे थे।
रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भर भारत की झलक
कर्तव्य पथ पर भारत की स्वदेशी तोपखाने की ताकत के दो शक्तिशाली प्रतीक - धनुष गन सिस्टम और अमोघ (एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम, ATAGS) आत्मनिर्भर भारत और रक्षा निर्माण में तकनीकी आत्मनिर्भरता की भावना को दर्शाया। इसके बाद सेना की अलग-अलग रेजिमेंट की टुकड़ी ने मार्च किया। हजारों सौनिकों का कदमताल, गरजते लड़ाकू विमान और देश की विविधता को दर्शाती रंग-बिरंगी झांकियां आकर्षण का केंद्र रही।
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इन राज्यों के झांकी ने किया दर्शकों को मंत्रमुग्ध
परेड में विभिन्न राज्यों के झांकियों ने 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ का जश्न मनाया, जिसमें बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस राष्ट्रगान की ऐतिहासिक भूमिका को चित्रित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, झांकियों और फ्लाईपास्ट ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राज्यों की झांकियों में मणिपुर, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, केरल, पंजाब, नागालैंड, तमिलनाडु, गुजरात और असम शामिल रहे।
भारत की बेटियों ने बढ़ाया मान
वहीं गृह मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट सहित कई मंत्रालयों की झांकियों ने भी परेड में हिस्सा लिया। इसके बाद डेयर डेविल्स - केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की मोटरसाइकिल राइडर डिस्प्ले टीम ने मार्च किया।
आखिर में पीएम मोदी ने किया लोगों का अभिवादन
भारतीय वायु सेना ने कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान फ्लाई-पास्ट पेश किया। जमीन से लेकर आसमान तक भारतीय सेना की ताकत पूरी दुनिया ने आज देखी। गणतंत्र दिवस परेड समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद आसमान में गुब्बारे छोड़े गए और ‘वंदे मातरम’ लिखे बैनर का प्रदर्शन किया गया।
इस साल भी क्या थी थीम?
पीएम मोदी ने अंत में परेड देखने के लिए कर्तव्य पथ पर आए लोगों का अभिवादन किया। इस साल गणतंत्र दिवस की थीम वंदे मातरम के 150 साल रखी गई है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 26 January 2026 at 14:40 IST