'राम राम मानो, अल्लाह मानो लेकिन इस देश का हो जाओ, सनातन हमें लड़ना नहीं सिखाता...', पहलगाम हमले की पीड़िता ऐशान्या द्विवेदी ने युवाओं से की अपील, VIDEO

Pahalgam Attack Victim Aishanya Dwivedi: रिपब्लिक भारत के इस कार्यक्रम में ऐशान्या द्विवेदी की यह बातें सिर्फ एक पीड़िता का दर्द नहीं, बल्कि एक मजबूत भारतीय नागरिक की वह आवाज है, जो नफरत के खिलाफ एकजुटता और राष्ट्रप्रेम का सबसे बड़ा पाठ पढ़ाती है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
republic-bharat-manthan-summit-2026 pahalgam-victim-aishanya-dwivedi-message-to-youth about sanatan dharam
ऐशान्या द्विवेदी | Image: Republic

Pahalgam Attack Victim Aishanya Dwivedi Message For Youth: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रिपब्लिक भारत के मेगा समिट 'मंथन 2026' (Manthan Summit 2026) का शानदार आगाज हो चुका है। कार्यक्रम की शुरुआत रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दीप प्रज्वलित कर की। राजनीति से लेकर मनोरंजन जगत की कई दिग्गज हस्तियां इस मंच पर अपने विचार साझा कर रही हैं। इसी बीच, एक ऐसा पल भी आया जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।

मंच पर पहलगाम आतंकी हमले में अपने पति को खोने वाली ऐशान्या द्विवेदी मौजूद थीं। उन्होंने न सिर्फ अपने दर्द को साझा किया, बल्कि देश के युवाओं को एक बेहद मजबूत और स्पष्ट संदेश भी दिया।

अपनों को खोने का दर्द और ट्रॉमा

किसी का प्राकृतिक रूप से दुनिया से जाना और इस तरह अचानक किसी आतंकी हमले में छिन जाना, इंसान को अंदर तक तोड़ देता है। ऐशान्या ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि जब जीवनसाथी या परिवार का कोई अपना इस तरह अचानक चला जाता है, तो वह सदमा दिमाग में गहराई तक घर कर जाता है। इंसान बार-बार उसी खौफनाक मंजर को याद करता है और उसी दर्द में खो जाता है। इस गहरे दुख के बावजूद, ऐशान्या जिस मजबूती के साथ मंच पर खड़ी थीं, वह हर किसी के लिए एक मिसाल है।

Uploaded image

धर्म के नाम पर भड़कने वाले युवाओं को संदेश

जब ऐशान्या से पूछा गया कि आज का युवा, जो अक्सर धर्म के नाम पर गलत राह पकड़ लेता है या जिनका 'ब्रेनवॉश' कर दिया जाता है, उनके लिए वह क्या कहना चाहेंगी?

Advertisement

इस पर उन्होंने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा, "सबसे पहले आपको अपना धर्म समझने की जरूरत है। आपका धर्म किसी से लड़ना नहीं सिखाता।"

उन्होंने सनातन धर्म की खूबसूरती बताते हुए कहा कि सनातन धर्म किसी के खिलाफ नहीं जाता। यह हमेशा सबको साथ लेकर चलने की सीख देता है। सेक्युलरिज्म का असली मतलब इसी में छिपा है। उन्होंने कहा कि हमने कभी लड़ाई शुरू नहीं की है, बल्कि दूसरों ने कहा कि 'लड़ो'। युवाओं को यह बात गहराई से समझने की जरूरत है। 

Advertisement

ऐशान्या ने बताया कि जब वह मंच पर आईं, तो उन्होंने सबसे पहले मंच को छूकर माथे से लगाया। यही हमारा सनातन धर्म है, जो सम्मान करना सिखाता है, आपस में बांटना या नफरत करना नहीं। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि जो लोग आपको भड़का रहे हैं, वे अपनी बातों में उलझाकर आपको आप ही के देश और लोगों के खिलाफ कर रहे हैं।

'भारत में अल्पसंख्यकों को सिर आंखों पर बिठाया जाता है'

ऐशान्या ने दुनिया के अन्य देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि बाहर के देशों में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है, यह सब जानते हैं। लेकिन हमारे देश में उन्हें सिर-आंखों पर बिठाया जाता है। उन्होंने अपील की कि हमें प्यार से एक साथ रहना चाहिए।

"मैंने मराठा इतिहास में सुना था कि साथ रहने में और संगठन में ही असली ताकत है। मैं यह नहीं कह रही कि आप किसे मानें। आप राम को मानो, अल्लाह को मानो, लेकिन जिसको भी मानो... बस सबसे पहले इस देश के हो जाओ।"

देश को माथे पर लगाओ

अपनी बात खत्म करते हुए ऐशान्या ने एक ऐसा संदेश दिया, जो हर भारतीय के दिल को छू गया। उन्होंने कहा कि बस अपने देश को माथे पर लगाओ, देश को सर्वोपरि रखो, ऐसा करने से आप खुद-ब-खुद जीवन में सबसे ऊपर उठ जाओगे।

ऐशान्या द्विवेदी की यह बातें सिर्फ एक पीड़िता का दर्द नहीं, बल्कि एक मजबूत भारतीय नागरिक की वह आवाज है, जो नफरत के खिलाफ एकजुटता और राष्ट्रप्रेम का सबसे बड़ा पाठ पढ़ाती है।

यह जरूर पढ़ें: Manthan Summit: इंतजार खत्म, R.भारत के 'मंथन' समिट का हुआ शानदार आगाज

Published By:
 Samridhi Breja
पब्लिश्ड