चीन की तरफ से दोस्ती का हाथ... रविशंकर प्रसाद ने BRICS की सफलता पर PM मोदी को दी बधाई, मायावती ने विश्व मंच पर पहलगाम के जिक्र को बताया अहम
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पीएम मोदी को बधाई दी है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि BRICS समिट की यह बहुत ही ऐतिहासिक सफलता है।
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BRICS Summit: देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दुनिया के कई बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान अलग-अलग देशों के साथ संबंधों को मजबूती देने पर बल दिया गया। इसके अलावा पीएम मोदी ने कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं, जिसमें आर्थिक संबंधों, सहयोग और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर वार्ता हुई। समिट के अंत में साझा घोषणापत्र भी जारी किया गया, जिसमें कई अहम वैश्विक मुद्दों का जिक्र रहा।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पीएम मोदी को बधाई दी है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'BRICS समिट की यह बहुत ही ऐतिहासिक सफलता है। मैं प्रधानमंत्री को बधाई देता हूं। भारत की अगुवाई में चीन, रूस, ईरान, UAE, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे बड़े देशों ने एक वैकल्पिक और प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय मंच रखा है।'
ब्रिक्स में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा अहम- रविशंकर
उन्होंने आगे कहा, 'रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बहुत बड़ी बात कही है कि आज ब्रिक्स का GDP पूरे यूरोप और अमेरिका की GDP से ज्यादा है।' वह कहते हैं कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा भी एक बहुत अहम घटनाक्रम है। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में भारत की विदेश नीति बहुत सफल रही है।'
रविशंकर ने कांग्रेस पर साधा निशाना
रविशंकर प्रसाद ने निशाना साधते हुए कहा, 'आज आर्थिक रिश्तों पर चर्चा हुई, द्विपक्षीय बैठकें हुईं, चीन ने भारत की ओर दोस्ती का नया हाथ बढ़ाया और रूस, मलेशिया और ईरान के नेताओं ने PM मोदी की तारीफ की। कांग्रेस जिसने BRICS के नतीजों पर सवाल उठाए थे, उसे अब जवाब देना चाहिए।'
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मायावती ने भी की सराहना
वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने भी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स समूह के देशों द्वारा 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 140 पैराग्राफ का दिल्ली घोषणा पत्र सर्वसम्मति से जारी होना, ये आपसी अच्छी सूझ-बूझ एवं कूटनीतिक उपलब्धि से कम नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, 'इन देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की इच्छा भी उम्मीद जगाने वाली है, जिस क्रम में ब्रिक्स करेंसी का विकास भी एक बेहतरीन कदम होगा।'