'तुम इतने बड़े आदमी हो और तुम्हारे पास ड्राइवर नहीं?' रतन टाटा से जुड़ा ऐसा किस्सा, जिसे जान बढ़ जाएगी दिल में इज्जत

Ratan Tata Death Anniversary: यूं तो रतन टाटा से जुड़ी कई कहानियां हैं, जिसके बारे में सुनकर आज के युवाओं को बड़ी सिख मिलेगी, लेकिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक ऐसा किस्सा सुनाया था जिसके बारे में जानकर चंद रुपये कमाकर हवा में उड़ने वाले लोगों ये सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि असल में उन्होंने क्या कमाया है।

Follow : Google News Icon  
ratan tata
रतन टाटा से जुड़ी दिलचस्प कहानी | Image: File Photo

Ratan Tata Death Anniversary: जिसकी हैसियत 'लैंड रोवर' की हो, लेकिन शख्सियत 'टाटा नैनो' जैसी हो, उसे रतन टाटा कहते हैं। आज से ठीक एक साल पहले यानी 9 अक्टूबर, 2024 को वो मनहूस दिन आया जब भारत ने अपने 'रतन' को खो दिया। आज वो हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्हें याद करते हुए फिल्म आनंद का वो डायलॉग सामने आता है- जिंदगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए।'

यूं तो रतन टाटा से जुड़ी कई कहानियां हैं, जिसके बारे में सुनकर आज के युवाओं को बड़ी सीख मिलेगी, लेकिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक ऐसा किस्सा सुनाया था जिसके बारे में जानकर चंद रुपये कमाकर हवा में उड़ने वाले लोग ये सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि असल में उन्होंने क्या कमाया है।

ऐसे थे रतन टाटा

9 अक्टूबर 2025 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में रतन टाटा ने अंतिम सांस ली। वो 86 साल के थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एक पुराना वीडियो वायरल हुआ जिसमें वो अपने मित्र रतन टाटा से जुड़ा दिलचस्प किस्सा शेयर करते हुए दिख रहे हैं। एक सभा में जनता को संबोधित करते हुए वो रतन टाटा से जुड़ा किस्सा शेयर कर रहे हैं। उन्होंने अपने भाषण में कहा- तब मैं मुंबई में मालाबार हिल्स में रहता था। रतन टाटा मेरे बहुत अच्छे मित्र हैं और वो मुझसे मिलने आ रहे थे।

नितिन गडकरी ने बताया कि रतन टाटा का फोन आया और उन्होंने कहा कि नितिन मैं तुम्हारे घर का पता भूल गया हूं। मैंने उनसे कहा कि आप अपने ड्राइवर को फोन दीजिए, मैं उसे अपना पता बताता हूं। टाटा ने जवाब दिया- 'नहीं नितिन मेरे पास कोई ड्राइवर नहीं है, मैं खुद गाड़ी चला रहा हूं।' मैं हैरान हो गया और मुस्कुराते हुए बोला कि तुम इतने बड़े आदमी हो और तुम्हारे पास ड्राइवर नहीं है? वो बोले- नहीं है।

Advertisement

फिर एक बार मैं रतन टाटा को नागपुर लेकर गया। मेरे सरकारी मंत्री थे तो मैंने उससे कहा कि बैग पकड़ो टाटा साहब का। रतन टाटा का तुरंत जवाब आया- नहीं...नहीं नितिन, ये मेरा बैग है, मैं इसे लिए रहूंगा। फिर मैंने उनसे कहा कि आप गाड़ी में ड्राइवर के बगल में बैठ जाइए। उन्होंने जवाब दिया- नहीं नितिन वो तुम्हारी जगह है, तुम बैठो।

नितिन गडकरी ने आगे कहा कि इतनी बड़ी संपत्ति होने के बावजूद रतन टाटा में कितनी विनम्रता, कितनी शालीनता, कितनी सहजता थी। यहां तो लोगों के पास 10-20 करोड़ आए नहीं कि गाना शुरू हो जाता है, 'साला मैं तो साहब बन गया, साहब बन कैसा तन गया।'

Advertisement

इसे भी पढ़ें: Ratan Tata Quotes: जिंदगी टीवी सीरियल नहीं होती… रतन टाटा की वो 5 बातें, जो आप में भर देंगी कुछ हासिल करने का जज्बा

Published By :
Ritesh Kumar
पब्लिश्ड