मंत्रों की गूंज, यज्ञकुंडों से उठता धुआं और राम मंदिर के शिर्ष पर लहराता धर्म ध्वज...ध्वजारोहण करते भावुक हुए PM मोदी, रो पड़े साधु-संत
अयोध्या में आज इतिहास ने एक बार फिर स्वयं को दोहराया जब राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज फहराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्धारित शुभ मुहूर्त में बटन दबाकर ध्वजारोहण की प्रक्रिया का शुभारंभ किया।
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अयोध्या में आज इतिहास ने एक बार फिर स्वयं को दोहराया जब राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज फहराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्धारित शुभ मुहूर्त में बटन दबाकर ध्वजारोहण की प्रक्रिया का शुभारंभ किया। जैसे ही केसरिया पताका धीरे-धीरे ऊपर उठकर मंदिर के शीर्ष पर लहराने लगी, पूरे परिसर में "जय श्री राम" के जयघोष से आकाश गूंज उठा।
प्रधानमंत्री कुछ क्षणों के लिए ध्वज की ओर देखे बिना नहीं रह सके। उनकी आंखों में गर्व, भक्ति और भावनाओं का संगम झलकता रहा। सामने बैठे साधु-संतों की आंखें भी इस दृश्य से नम हो उठीं। वैदिक मंत्रों की धुन, यज्ञकुंडों से उठता धुआं और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने पूरे वातावरण को दिव्यता से भर दिया।
पूजा अर्चना के बाद हुआ ध्वजारोहण
ध्वजारोहण से पहले विस्तृत पूजन-अर्चन का आयोजन हुआ। ब्राह्मणों द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रों के स्वर सरयू के तट से टकराकर जैसे आकाश में विलीन हो रहे थे। पूरा परिसर दीपों और फूलों से सजा हुआ था, मानो संपूर्ण राम नगरी भक्ति में डूबी हो। इस पवित्र अवसर का साक्षी बनने देश और विदेश से लगभग आठ हजार लोग अयोध्या पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जबकि श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर और सड़कों को उल्लास से भर दिया।
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ये गणमान्य बने इस ऐतिहासिक पल के गवाह
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ा दी। समाज के सभी वर्गों संत, व्यावसायिक समुदाय, दलित, वंचित, किन्नर और अघोरी परंपरा से जुड़े प्रतिनिधियों ने इस आयोजन को एकता और समरसता का प्रतीक बना दिया।