Rajya Sabha Voting: नदारद विधायकों पर बोले अखिलेश- जिनको लाभ मिलना होगा वो जाएंगे
राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। समाजवादी पार्टी के 8 नदारद विधायकों पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें निराशा साफ झलकती है।

Rajyasabha Election Breaking: राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। समाजवादी पार्टी के 8 नदारद विधायकों पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें निराशा साफ झलकती है। एक तरह से अखिलेश यादव ने हार स्वीकार कर ली है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव पर कहा, "हमें उम्मीद है कि समाजवादी पार्टी के तीनों प्रत्याशी जीतेंगे... जिन्हें कुछ लाभ मिलना होगा वे चले(भाजपा की तरफ) जाएंगे..."
वोटिंग की जरूरत क्यों?
BJP के सेठ ने ही सपा का खेल बिगाड़ दिया। 2 के बाद तीसरी सीट पर भी सपा आश्वस्त थी। लेकिन बीजेपी ने 7वें के बाद 8वें प्रत्याशी का दांव खेल सबको चौंका दिया। असल में, विधानसभा में भाजपा के 252 विधायक हैं। बाकी 34 विधायक उसकी सहयोगी पार्टियों (एनडीए) के। 2 विधायक राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल के भी हैं जिन्होंने भाजपा कैंडिडेट पर मुहर लगाने की बात कह दी है। इन्हें जोड़ बीजेपी के पास 288 विधायक हैं। बीजेपी को आठों उम्मीदवार जिताने के लिए 296 विधायक चाहिए।
वहीं, सपा को अपने तीनों उम्मीदवार जिताने के लिए 111 वोटों की जरूरत है। सपा के पास अपने 108 विधायक हैं। जिसमें कांग्रेस के 2 और बसपा का 1 विधायक शामिल है। लेकिन सपा विधायक इरफान सोलंकी जेल में हैं और वो वोट नहीं डाल सकेंगे इसके अलावा जिस तरह पल्लवी पटेल और सपा के 8 विधायक सपा प्रमुख की डिनर डिप्लोमेसी का हिस्सा नहीं बने।
मनोज पाण्डेय का इस्तीफा, अखिलेश का ताना...
राज्यसभा की वोटिंग के बीच तीन ऐसी खबरें आईं जो सपा के लिए जोर का झटका है तो बीजेपी के लिए फायदे का सबब। पल्लवी पटेल की अखिलेश संग फोन पर तीखी बहस, मनोज पाण्डेय का सचेतक पद से इस्तीफा और फिर अखिलेश यादव का संकेत। सपा प्रमुख ने भाजपा पर तंज कसा और साथ ही कहा कि जिसको लाभ मिलना होगा वो जाएंगे। ये ऐन वोटिंग डे की ऐसी घटनाएं हैं जो सपा की उम्मीदों पर पानी फेरते हैं। क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।