Operation Sindoor: जवानों को सलाम, PM मोदी के बाद अब राजनाथ सिंह करेंगे सैनिकों से मुलाकात
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू कश्मीर के लिए रवाना हो चुके हैं। वो पाकिस्तान के खिलाफ सफल ऑपरेशन सिंदूर के बाद कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुए।
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Rajnath Singh: पाकिस्तान को हाल ही में उसकी भाषा में अच्छा सबक सिखाने के बाद पूरा देश भारतीय सेना की प्रशंसा कर रहा है। जवानों की बहादुर और दिलेरी को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पिछले दिनों सलाम किया। अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू कश्मीर पहुंच रहे हैं, जहां वो वायुवीरों के साथ सेना के जवानों से मुलाकात करेंगे। भारत के हालिया 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की जम्मू कश्मीर में सेना के जवानों से पहली मुलाकात होगी।
फिलहाल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू कश्मीर के लिए रवाना हो चुके हैं। वो पाकिस्तान के खिलाफ सफल ऑपरेशन सिंदूर के बाद कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुए। रक्षा मंत्री श्रीनगर में दो स्थानों पर भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना के सैनिकों से बातचीत करेंगे। इस दौरान जवानों का जोरदार जोश भी देखने को मिलने वाला है। राजनाथ सिंह का जम्मू कश्मीर दौरा दुश्मन देश के लिए भी एक बड़ा मैसेज होगा।
PM मोदी ने आदमपुर एयरबेस का दौरा किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आदमपुर एयरबेस का दौरा किया और पंजाब में जवानों से बातचीत की, जहां उन्हें जवानों ने जानकारी दी। 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पड़ोसी देश में आतंकी ठिकानों पर भारतीय हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों तक चले भीषण संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री मोदी का ये दौरा रहा। पीएम ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा- 'आज सुबह, मैं एएफएस आदमपुर गया और हमारे बहादुर वायु योद्धाओं और सैनिकों से मिला। साहस, दृढ़ संकल्प और निडरता के प्रतीक लोगों के साथ रहना एक बहुत ही खास अनुभव था। भारत हमारे सशस्त्र बलों की ओर से हमारे देश के लिए किए गए हर काम के लिए उनका हमेशा आभारी रहेगा।'
पहलगाम का बदला लेने के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर'
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे। इस आतंकी हमले का बदला लेने के लिए 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत भारत की सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कई ठिकानों पर अटैक करते हुए 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया। इन हमलों में पाकिस्तान के अंदर 11 एयर बेस को निशाना बनाया गया और उनकी सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया गया। हवाई, जमीनी और समुद्री अभियानों को संयमित तरीके से अंजाम दिया गया।