Jodhpur: जिंदगी की जंग हार गया बोरवेल में गिरा 9 साल का मासूम, 40 घंटे तक चला रेस्क्यू लेकिन नहीं बच सकी जान
राजस्थान के फलोदी जिले में बोरवेल में गिरे 9 साल के बच्चे को लगभग 40 घंटे लंबे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। बचाव टीमों ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया, लेकिन मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी।
- भारत
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Phadoli Borewell Tragedy: राजस्थान के फलोदी जिले में बोरवेल में गिरे 9 साल के भोमाराम को शनिवार तड़के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाला गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। करीब 38 घंटे से भी अधिक चले इस युद्ध स्तर रेस्क्यू ऑपेरशन के बाद जब बच्चे का शरीर बाहर आया, तो हर किसी की आंखें नम हो गईं।
यह घटना राजस्थान के नोसर क्षेत्र स्थित पुनिया की ढाणी की है, जहां गुरुवार दोपहर लगभग 12 बजे भोमाराम खेलते समय खुले पड़े 1050 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। बच्चा करीब 610 फीट की गहराई पर जाकर फंसा था। सूचना मिलते ही मौके पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय विशेषज्ञों की टीम पहुंची और बचाव अभियान में जुट गईं।
SDRF-NDRF की टीमों ने झोंकी ताकत
प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने मासूम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण अभियान शुरू किया। इस मासूम की जिंदगी बचाने के लिए करीब 38 घंटे से भी ज्यादा समय तक अभियान चला, जिसमें SDRF और NDRF की टीमों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
बचाव टीमों को बच्चे से करीब 30 फीट ऊपर बोरवेल में फंसे पत्थर के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस पत्थर के कारण उपकरणों का बच्चे तक पहुंच पाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में देसी एक्सपर्ट की मदद भी ली गई। बच्चे को बाहर निकालने के लिए हर संभव कोशिश की गई, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
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38 घंटे बाद बाहर निकाला गया मासूम
बचाव टीम में रेस्क्यू ऑपेरशन के बारे में कहा, 'बोरवेल में सबसे बड़ी कठिनाई यह थी कि इसकी गहराई बहुत अधिक थी, 1050 फीट गहरा था। वही बच्चा 610 फीट पर फंसा हुआ था। दूसरी बड़ी समस्या यह थी कि बोरवेल में बहुत सारे पत्थर थे। गहराई होने की वजह से बोरवेल सीधा नहीं था। ऐसे में हमारे उपकरण अंदर नहीं जा रहे थे। हालांकि, तमाम प्रयासों के बाद लगभग 38 घंटे से ज्यादा चले ऑपरेशन में बच्चे को बाहर निकाला गया।'
आखिरकार, शनिवार तड़के 3:30 बजे यह रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद दर्दनाक मोड़ पर खत्म हुआ, जब हर कोशिश के नाकाम होने के बाद भोमाराम की जान नहीं बचाई जा सकी। बचाव टीम ने बताया, 'बोरवेल में पानी भरने लग गया था। ऐसे में बच्चा लगभग 10 फीट पानी में था। ऐसे में बच्चे को बचाया नहीं जा सका।' इस बोरवेल हादसे ने एक बार फिर हंसती-खेलती मासूम जिंदगी को हमेशा के लिए लील लिया।