राजस्थान बोर्ड 10वीं की टॉपर बनी खुशबू शर्मा, परीक्षा से 4 महीने पहले हुआ था पिता का निधन; हासिल किए 99% अंक

Rajasthan Topper: राजस्थान बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। टॉपर्स की बात करें तो हिंडौन की खुशबू शर्मा ने बाजी मारी है। बतादें खुशबू ने परिक्षा से सिर्फ 4 महीने पहले अपने पापा को खोया, बावजूद इसके उन्होंने मेहनत की और ये सबसे अच्छे नंबर हासिल किए। खुशबू की प्रेरणादायक कहानी पढ़ें।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Rajasthan Topper  Khushboo Sharma
राजस्थान बोर्ड 10वीं की टॉपर बनी खुशबू शर्मा, परिक्षा से 4 महीने पहले हुआ था पिता का निधन | Image: X/ Representative

RBSE 10th Topper Khushboo Sharma Story: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद (RBSE) ने 10वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी कर दिया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अजमेर में बोर्ड कार्यालय से परिणाम घोषित किए। इस बार कुल पास प्रतिशत 94.23 रहा, जिसमें छात्राओं ने बाजी मारी। बतादें कुल 10 लाख 68 हजार 109 स्टूडेंट्स ने ये परीक्षा दी थी। जिसमें से हिंडौन की खुशबू शर्मा ने बाजी मारी। टॉपर बनी खुशबू शर्मा की हर जगह तारीफ हो रही है। क्योंकि खुशबू की जीत ने सभी को भावुक कर दिया। खुशबू ने पेपर से ठीक 4 महीने पहले अपने पिता को खो दिया, एक हादसे में खुशबू के पिता का निधन हो गया। पिता को खोने से बड़ा सदमा शायद ही कुछ होता होगा। दिल में इतना बड़ा दर्द  छिपाकर खुशबू ने अपनी पढ़ाई जारी रखी।

पिता को खोने का सदमा, फिर भी पढ़ती रही खुशबू 

इतनी छोटी उम्र में पिता का साया उठ जाना किसी बच्चे के लिए बड़ा झटका होता है। खुशबू के पिता हमेशा उसे हिम्मत दिया करते थे और चाहते थे वो IAS बनकर देश की सेवा करें। तो खुशबू ने पिता के शब्दों को याद रखते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी। पिता के निधन से खुशबू बिल्कुल टूट गईं  थी। इतने बड़े सदमे और दुख में रहते हुए थी खुशबू ने पढ़ना नहीं छोड़ी।

मां ने खुशबू को किया प्रेरित 

खुशबू ने बताया कि पिता का सपना पूरा करने के लिए उन्हें मेहनत करनी थी। वहीं, इस मुश्किल वक्त में मां चंद्रमुखी ने खुशबू को लगातार प्रेरित किया। मां के सहारे बेटी ने रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई की। फोकस बनाए रखा और धैर्य भी। इसके बाद 12 फरवरी से शुरू हुई परीक्षाएं 28 फरवरी को खत्म हुईं। इन चार महीनों में खुशबू ने बिना हार माने सिर्फ अपनी पढ़ाई  पर ध्यान दिया।

खुशबू की मेहनत और हौसले को सलाम

खुशबू का लक्ष्य अब साफ है। वो भविष्य में IAS अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती है। उनकी यह सफलता दिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, अगर इरादा पक्का हो तो कुछ भी असंभव नहीं। यह कहानी उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो जीवन में किसी न किसी चुनौती से जूझ रहे होते हैं। राजस्थान बोर्ड की टॉपर खुशबू के रिजल्ट ने साबित कर दिया कि मेहनत और हौसला हर मुश्किल को पार कर सकता है। 
 

Advertisement

यह भी पढ़ें: 24 अकबर रोड पर लगेगा ताला? कांग्रेस को ऑफिस खाली करने का आदेश

Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड