Delhi: कुमार विश्वास से राघव चड्ढा तक... अन्ना आंदोलन से निकली AAP में कब-कब हुई बगावत, अबतक कौन-कौन से नेताओं ने छोड़ा केजरीवाल का साथ?

आम आदमी पार्टी (AAP) की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पार्टी के अस्तित्व में आने के कुछ सालों बाद ही एक-एक करके कई बड़े नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली। अब पार्टी के सबसे करीबी कहे जाने वाले राघव चड्डा सहित अन्य 6 राज्यसभा सांसदों ने भी केजरीवाल का साथ छोड़ दिया है।

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AAP में कब-कब हुई बगावत, अबतक कौन-कौन से नेताओं ने छोड़ा केजरीवाल का साथ? | Image: Social media

भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े जनआंदोलन के बाद आम आदमी पार्टी की शुरुआत साल 2012 में हुई थी। उस समय अरविंद केजरीवाल सहित कुमार विश्वास, प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव जैसी बड़े चेहरे ने इस पार्टी को खड़ा किया था, लेकिन एक समय के बाद पार्टी में आपसी मतभेद सार्वजनिक मतभेद में बदल गया और धीरे-धीरे करके कई बड़े नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली। कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और कपिल मिश्रा जैसे कई नेताओं ने पार्टी संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दूरी बना ली। अब 24 अप्रैल को राघव चड्ढा समेत अन्य 6 राज्यसभा सांसदों ने भी इस पार्टी से दूरी बनाकर बीजेपी का दामन थाम लिया। आइए जानते हैं अब तक किन-किन साथियों ने छोड़ा केजरीवाल का हाथ।

कुमार विश्वास और कपिल मिश्रा

शुरुआती दौर में आम आदमी पार्टी की बात होती थी, तो कुमार विश्वास का जिक्र जरूर होता था, लेकिन समय के साथ पार्टी में आपसी मतभेद बढ़ते गए और विश्वास ने साल 2018-2022 के बीच पार्टी का साथ छोड़ दिया था। उस समय बताया गया कि उन्होंने वैचारिक मतभेदों के कारण धीरे-धीरे पार्टी से दूरी बना ली। 

कुमार विश्वास के अलावा, AAP के शुरुआती नेताओं में से एक कपिल मिश्रा का भी जल्द ही पार्टी की नीतियों से मोह भंग होने लगा। बताया जाता है कि सहमति और पार्टी शीर्ष नेतृत्व से टकराव के कारण उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था, जिसके बाद AAP से उनका मोह भंग हो गया और साल 2019 में उन्होंने BJP का हाथ थाम लिया।

योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण

आम आदमी पार्टी के प्रमुख संस्थापक सदस्यों में शामिल योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने भी समय-समय पर पार्टी से दूरी बना ली। वैचारिक मतभेद के बाद प्रशांत भूषण ने 2015 में पार्टी से दूरी बना ली। 

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इसके कुछ समय बाद पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की कमी और अरविंद केजरीवाल के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए प्रशांत भूषण ने भी पार्टी से दूरी बना ली। हालांकि, कई लोगों का मानना है कि उस समय AAP ने दोनों को अनुशासनहीनता के आधार पर बाहर का रास्ता दिखाया था।

राघव चड्ढा और स्वाति मालीवाल

अब 24 अप्रैल, 2026 को आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे राघव चड्ढा और स्वाति मालीवाल ने भी मतभेद और असहमति के कारण पार्टी छोड़ी थी। 

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कुछ दिन पहले ही राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए AAP से असहमति जताते हुए कहा 'AAP पार्टी, जिसे मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और जिसे मैंने अपनी जवानी के 15 साल दिए, अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से पूरी तरह भटक गई है। राघव चड्ढा और स्वाति मालीवाल समेत अन्य 6 राज्यसभा सांसदों ने AAP पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए।

इन नेताओं ने भी AAP को छोड़ा

इन नेताओं के अलावा, अन्य कई बड़े चेहरे ने भी समय-समय पर इस पार्टी से दूरी बना ली। आम आदमी पार्टी छोड़ने की लिस्ट में आशीष खेतान से लेकर आशुतोष, अलका लांबा, विनोद कुमार बिन्नी और शाजिया इल्मी जैसे कई बड़े नेताओं का नाम शामिल हैं। इन नेताओं ने भी पार्टी नेतृत्व के साथ लंबे समय से चले मतभेद और असहमति के कारण पार्टी छोड़ी थी।

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Published By :
Sahitya Maurya
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