अपडेटेड 13 January 2026 at 21:45 IST
Raghav Chadha: 'केंद्र सरकार को शुक्रिया', मोदी सरकार के किस फैसले के कायल हो गए गिग वर्कर्स की लड़ाई लड़ने वाले AAP सांसद राघव चड्ढा?
Raghav Chadha on Gig Workers: केंद्र सरकार ने क्विक कॉमर्स मॉडल को लेकर कड़ा रूख अपनाते हुए 10 मिनट के डिलीवरी सिस्टम वाले मामले में हस्तक्षेप किया है। अब राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार का धन्यवाद किया है।
- भारत
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Raghav Chadha on Gig Workers: केंद्र सरकार ने क्विक कॉमर्स मॉडल को लेकर कड़ा रूख अपनाते हुए 10 मिनट के डिलीवरी सिस्टम वाले मामले में हस्तक्षेप किया है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो के अधिकारियों से बातचीत की। नतीजन, ब्लिंकिट ने "10-मिनट डिलीवरी" का दावा हटा दिया है। अब इस फैसले पर AAP सांसद राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार का धन्यवाद किया है।
बता दें कि सरकार द्वारा दखल के बाद, विभिन्न क्विक कॉमर्स कंपनी ने अपनी-अपनी साइट से "10-मिनट डिलीवरी" को हटाने के लिए हामी भर ली है। आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे गिग वर्कर्स के लिए "बड़ी जीत" बताया है।
गिग वर्कर्स के लिए खुश हैं राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो इसे गिग वर्कर्स के लिए एक ‘बड़ा दिन’ और ‘गुड न्यूज’ बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘आप सभी की कोशिश और एकजुट होकर आवाज उठाने की वजह से ऐसा संभव हो पाया है। आपकी आवाज शायद बड़ी-बड़ी कंपनी के मैनेजमेंट ने अनसुनी कर दी लेकिन केंद्र सरकार ने सुन ली। केंद्र सरकार को इस हस्तक्षेप के लिए बधाई और उनका बहुत-बहुत धन्यवाद’।
उन्होंने आगे कहा कि कैसे ये 10-मिनट डिलीवरी का जुल्म रियल है। जब राइडर की यूनिफोर्म और बैग पर 10 मिनट का वादा छपा हो और कस्टमर के फोन पर टाइमर लगा हो तो ये वादा काफी खतरनाक हो जाता है। इससे ना केवल डिलीवरी बॉय पर मानसिक और शारीरिक तनाव आता है, बल्कि वो अपनी और आसपास के लोगों की जान भी जोखिम में डालकर फटाफट डिलीवरी करने का वादा पूरा करते हैं।
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राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार को कहा धन्यवाद
राघव ने फिर से डिलीवरी बॉय के हक में आवाज उठाते हुए कहा कि वो अंडरपेड और ओवरवर्क्ड होते हैं यानि कम पैसे में उनसे ज्यादा काम कराया जाता है। ये ऐसे वादे का प्रेशर झेल रहे होते हैं जो लगभग असंभव है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और सभी सांसद बिजनेस और स्टार्टअप को सपोर्ट करते हैं लेकिन शोषण को सपोर्ट नहीं करते।
उन्होंने कहा कि ‘उनका मकसद कंपनी को चोट पहुंचाना नहीं, बल्कि डिलीवरी बॉय की जिंदगी को बेहतर बनाना है। आखिरकार फैसला केवल उनकी सुरक्षा को लेकर ही नहीं लिया गया, बल्कि उनकी गरिमा और कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है’।
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बता दें कि कई दिनों से 10-मिनट डिलीवरी मॉडल को लेकर विवाद चल रहा है। कम समय में फटाफट डिलीवरी करने का सिस्टम डिलीवरी बॉय की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करता है। राघव चड्ढा ने ये मुद्दा संसद में भी उठाया था। उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें वो डिलीवरी बॉय की जिंदगी को बेहतर समझने के लिए ब्लिंकिट की यूनिफोर्म पहनकर ऑर्डर डिलीवर करने निकले।
Published By : Sakshi Bansal
पब्लिश्ड 13 January 2026 at 21:45 IST