'रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग कॉल बंद होना उचित नहीं', अब राघव चड्ढा ने संसद में उठा दिया ये मुद्दा, मोबाइल ग्राहकों को मिलेगी राहत?

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि आज मैंने सदन में देश के प्रीपेड रिचार्ज कराकर अपना फोन चलाने वाले उपभोक्ताओं का मुद्दा उठाया। इस दौरान दो अहम बातें रखी।

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MP Raghav Chadha
MP Raghav Chadha | Image: Rajya Sabha

Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने मोबाइल फोन उपभोक्ताओं के हितों का मुद्दा उठाया। 'आप' नेता ने बताया कि प्री-पेड मोबाइल यूजर्स की ओर से दो बड़ी समस्याओं को उठाया, जिसमें रिचार्ज खत्म होने पर आउटगोइंग कॉल के साथ इनकमिंग कॉल का बंद होना है। दूसरा 28 दिन का रिचार्ज प्लान बंद होकर पूरे एक महीने का होना चाहिए।

राघव चड्ढा ने कहा, 'आज मैंने सदन में देश के प्रीपेड रिचार्ज कराकर अपना फोन चलाने वाले उपभोक्ताओं का मुद्दा उठाया। इस दौरान दो अहम बातें रखी। पहली- जब रिचार्ज की वैद्यता समाप्त हो जाती है तब आउटगोइंग कॉल का बंद होना समझ आता है लेकिन इनकमिंग कॉल भी उसके साथ बंद कर देना उचित नहीं है। ये टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी है जिस पर रोक लगनी चाहिए।'

'रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग बंद मनमानी'

उन्होंने आगे कहा, 'आज मोबाइल फोन से सबकुछ लिंक कर दिया गया है जैसे- आधार कार्ड, यूपीआई, बैंक के ओटीपी आदि। लेकिन तमाम इनकमिंग कॉल और इनकमिंग  एसएमएस इसलिए रुक जाते हैं, क्योंकि आप रिचार्ज कराना भूल गए। ऐसा नहीं होना चाहिए। मैंने सदन में कोई फ्री आउटगोइंग कॉल्स देने की मांग नहीं रखी। फ्री डेटा देने की मांग नहीं रखी। लेकिन एक साधारण सी मांग रखी कि कम से कम 1 साल तक इनकमिंग कॉल चालू रहनी चाहिए ताकि देश का आम आदमी राइट टू कम्युनिकेशन सरेंडर ना करें।'

राघव चड्ढा ने दूसरी कौन सी मांग की?

AAP सांसद ने आगे कहा, 'दूसरी मांग- प्रीपेड उपभोक्ताओं की एक और बड़ी शिकायत महीने के 28 दिन का रिचार्ज होती है। कलैंडर में महीना 30 और 31 का होता है। लेकिन टेलीकॉम कंपनियां 28 दिन का रिचार्ज प्लान बेचती हैं। ताकि साल में महीने भले 12 हो, लेकिन रिचार्ज 13 बार कराना पड़े। ऐसे में अगर साल भर की वैलिडिटी चाहिए तो 13 बार रिचार्ज कराना पड़ेगा। ये एक तरह सेस्मार्ट स्ट्रेटेजी है, जिसके चलते एक अतिरिक्त रिचार्ज टेलीकॉम कंपनियां जनता से कराती हैं जो ठीक नहीं है और बंद होनी चाहिए। मंथली प्लान कलेंडर के हिसाब से होना चाहिए।'

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'30 या 31 दिन के हिसाब से मिले रिचार्ज प्लान'

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिस तरह से दुनिया में हर जगह बिलिंग साइकल महीने के हिसाब से होती है। सैलरी भी इसी हिसाब से मिलती है। बैंक की EMI, मकान मालिक को किराया देना हो... तमाम चीजें कैलेंडर के हिसाब से 30 या 31 दिन के हिसाब से होती है। इसी तरह से रिचार्ज प्लान भी होना चाहिए।

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Published By:
 Priyanka Yadav
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