पटना के '10 सर्कुलर' बंगले को खाली नहीं करने पर अड़ी राबड़ी देवी, अब 15 दिनों का मिला अल्टीमेटम; पप्पू यादव बोले- वो मां समान, अपमानित मत कीजिए
Patna news: बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने के लिए जिला प्रशासन ने 15 दिन का और समय दिया है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री ने बंगला खाली करने से साफ इनकार कर दिया है।
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Rabri Devi Bungalow: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने के आदेश को लेकर सियारस गरमाई हुई है। भवन निर्माण विभाग की ओर से मिले नोटिस के बाद भी राबड़ी ने आवास छोड़ने से इनकार कर दिया है। इस बीच 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है। अब इसके बाद ही मामले में आगे की औपचारिक कार्रवाई की जाएगी।
यह बंगला मत्स्य पालन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है। वहीं, लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी को नया बंगला 39, हार्डिंग रोड पर आवंटित किया गया है। बंगला खाली करने के लिए उन्हें कई बार नोटिस भी मिल चुका है, लेकिन उन्होंने इसे खाली नहीं किया। राबड़ी 2005 से इसी आवास में रह रही हैं।
राबड़ी बोलीं- फोर्स बुलवा लीजिए, लेकिन…
इससे पहले शनिवार (31 मई) को पटना में मीडिया से बातचीत में राबड़ी देवी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, "वे जगह खाली कराने के लिए फोर्स बुला सकते हैं लेकिन मैं उसे खाली नहीं करूंगी। चाहे तो फोर्स बुलाकर सामान फेंकवा दें।"
पप्पू यादव ने क्या कहा?
इस बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने राबड़ी देवी को मां के समान बताया।पप्पू ने कहा कि मुख्यमंत्री जिस मंत्री को घर आवंटित किए हैं, उनको कोई दूसरा आवास दे दीजिए। राबड़ी देवी सब के लिए मां समान हैं, उनका अपमान मत करिए। अहंकार छोड़ दीजिए। कल आप भी पूर्व मुख्यमंत्री होंगे। इस तरह की बदले की राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
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नियमों के तहत हो रही कार्रवाई- विजय चौधरी
डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने राबड़ी के फोर्स वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा है कि देश और राज्य का कानून सबके लिए समान है, किसी के लिए अलग नहीं है। सरकार और प्रशासन नियम-कानून के अनुसार काम करते हैं, कानून सभी के लिए समान है और हर व्यक्ति को उसका पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही है। सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं कर रही है। इस मामले में कानून का पालन सर्वोपरि है।