किसान शंभू बॉर्डर छोड़कर गए, अब हरियाणा सरकार ने चलवा दिया बुलडोजर; 400 दिन बाद रास्ता क्लीयर
हरियाणा-पंजाब शंभू सीमा पर अभी भारी सुरक्षाबल मौजूद है। हरियाणा पुलिस ने किसानों की आवाजाही को रोकने के लिए सीमा पर लगाए गए कंक्रीट के बैरिकेड्स हटा दिए हैं।
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Shambhu border: पंजाब और हरियाणा को जोड़ने वाले शंभू बॉर्डर पर महीनों से किसान डेरा जमाए बैठे थे। 19 मार्च की शाम जबरन कार्रवाई के बाद अब शंभू बॉर्डर खुलने का रास्ता क्लीयर हो गया है। पंजाब की तरफ धरनास्थल से किसानों के हटते ही हरियाणा सरकार ने भी अपने बुलडोजर काम पर लगा दिए और बंद रास्ते को खोलने की तैयारी है।
हरियाणा-पंजाब शंभू सीमा पर अभी भारी सुरक्षाबल मौजूद है। हरियाणा पुलिस ने किसानों की आवाजाही को रोकने के लिए सीमा पर लगाए गए कंक्रीट के बैरिकेड्स हटा दिए हैं। गुरुवार तड़के ही हरियाणा की तरफ से बुलडोजर भेज दिए गए, जिन्होंने कंक्रीट के बैरिकेड्स हटाने का काम किया है। पंजाब पुलिस पहले ही किसानों के बनाए अस्थाई ढांचों को हटा चुकी थी।
400 दिन बाद रास्ता क्लीयर
लगभग 400 दिन बाद यहां रास्ता क्लीयर हो रहा है और जल्द आवाजाही शुरू होने की संभावना है। प्रदर्शनकारी किसानों पर पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद पटियाला के एसएसपी नानक सिंह ने कहा कि पूरी सड़क को साफ कर दिया जाएगा और यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
फरवरी 2024 में किसानों ने शुरू किया था आंदोलन
तमाम मांगों को लेकर किसानों ने शंभू बॉर्डर पर धरने की शुरुआत की थी। फरवरी 2024 में दिल्ली कूच के लिए किसान निकले थे, जिन्हें हरियाणा की सरकार ने राज्य में एंट्री से पहले ही शंभू बॉर्डर पर रोक दिया और वहीं महीनों तक किसान जमकर बैठ गए। बुधवार देर शाम की कार्रवाई में पंजाब पुलिस ने जबरन किसानों को वहां से खदेड़ दिया। हालांकि एएनआई से बात करते हुए एसएसपी नानक सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने कोई बल प्रयोग नहीं किया, क्योंकि प्रदर्शनकारी किसानों ने उनका सहयोग किया।
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अपने बयान में एसएसपी ने कहा- 'किसान लंबे समय से शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे थे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने उचित चेतावनी देने के बाद इलाके को खाली कराया। कुछ लोगों ने घर जाने की इच्छा जताई। इसलिए उन्हें बस में बैठाकर घर भेजा गया। पूरी सड़क को साफ कर यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।'
हिरासत में लिए गए किसान नेता
अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल और किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर समेत कई किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये कार्रवाई इसलिए की गई, क्योंकि वो शंभू और खनौरी बॉर्डर खोलना चाहते हैं। चीमा ने कहा कि किसानों को दिल्ली या कहीं और विरोध प्रदर्शन करना चाहिए क्योंकि उनकी मांगें केंद्र सरकार के खिलाफ हैं।