पंजाब की ‘आप’ सरकार ने आंदोलनरत किसानों को हटाया- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह

भाजपा नीत केंद्र सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाने के लिए विपक्ष पर पलटवार करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने हरियाणा से लगी सीमा पर आंदोलन कर रहे किसानों को हटाया है।

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Union Minister Shivraj Singh
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान | Image: ANI

भाजपा नीत केंद्र सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाने के लिए विपक्ष पर पलटवार करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने हरियाणा से लगी सीमा पर आंदोलन कर रहे किसानों को हटाया है।

कृषि मंत्रालय के लिए अनुदान की मांगों पर लोकसभा में हुयी चर्चा का जवाब देते हुए चौहान ने कहा कि विपक्ष ने किसानों द्वारा उठाये गये मुद्दों का समाधान करने में भाजपा की छवि खराब करने की कोशिश की, लेकिन वे बुरी तरह विफल रहे। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व का ‘‘फूड बास्केट’’ बनाया जाएगा और डिजिटल क्रांति का लाभ किसानों को पहुंचाने के लिए सभी कृषकों को एक डिजिटल पहचान पत्र दिया जाएगा।

उन्होंने ऋण और फसल बीमा तक पहुंच सहित कृषि क्षेत्र के लिए केन्द्र सरकार के विभिन्न कदमों का उल्लेख किया और कहा कि किसानों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। चौहान ने कहा, ‘‘मैं सोच रहा था कि विपक्ष सार्थक चर्चा करेगा, किसानों की उन्हें चिंता होगी लेकिन पूरी बहस के दौरान, खोदा पहाड़ निकली मरी हुई चुहिया।’’

मंत्री ने इस सप्ताह की शुरुआत में पंजाब सरकार द्वारा आंदोलनकारी किसानों को हटाये जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘क्या हम ‘आप’ के दोस्त हैं? आप लोकसभा चुनाव तक कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। आप सब साथ थे और अब हम पर आरोप लगा रहे हैं।’’ समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट करते हुए कहा कि चर्चा के लिए अधिक समय की उनकी मांग को आसन ने स्वीकार नहीं किया।

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि चर्चा का समय कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में तय किया गया था, जिसमें विभागों की अनुदान मांगों पर मतदान के लिए शाम 6 बजे का समय रखने का भी निर्णय लिया गया था, जो संसदीय प्रक्रियाओं के अनुसार है। चर्चा में भाग लेते हुए, कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी और जय प्रकाश तथा समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव आदि विपक्षी सदस्यों ने केंद्र पर किसानों के साथ ‘‘विश्वासघात’’ करने का आरोप लगाया और दावा किया कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपने वादे को पूरा करने में विफल रही है।

पंजाब पुलिस द्वारा बुधवार को सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल सहित कई किसान नेताओं को हिरासत में लिये जाने को लेकर विपक्षी सदस्यों ने यह बात कही। इन किसान नेताओं को उस वक्त हिरासत में लिया गया था, जब वे चंडीगढ़ में चौहान के नेतृत्व में एक केंद्रीय मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद लौट रहे थे।

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चौहान ने कहा कि कांग्रेस नीत पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं करने के लिए बहाने बनाए, जिसमें उत्पादन लागत पर किसानों के लिए 50 प्रतिशत लाभ की गणना के आधार पर कृषि उपज के लिए एमएसपी तय करने की सिफारिश की गई थी। पूर्ववर्ती संप्रग शासनकाल के दौरान के कृषि मंत्रालय के एक कैबिनेट नोट का हवाला देते हुए चौहान ने कहा कि तत्कालीन केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, शरद पवार और के वी थॉमस कृषि उपज के लिए एमएसपी पर सिफारिशों को लागू करने के पक्ष में नहीं थे।

चौहान ने कहा, ‘‘2004 से 2014 के बीच कांग्रेस नीत सरकार ने केंद्रीय बजट में कृषि के लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए। हमने पिछले 10 वर्षों में 10.75 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।’’ चौहान ने कहा कि 2013-14 में जब संप्रग सरकार थी, खाद्यान्न उत्पादन 26.5 करोड़ टन था, जो मोदी सरकार के दौरान बढ़कर 33 करोड़ टन हो गया।

मंत्री ने उर्वरकों की कीमतों के मुद्दे पर कहा, ‘‘हम डीएपी की प्रत्येक बोरी 1,350 रुपये में ही देंगे, एक पैसा नहीं बढ़ाएंगे। 266 रुपया में यूरिया की बोरी मोदी सरकार दे रही है। इसलिए उवर्रक पर सब्सिडी लगातार बढ़ती गई। हमने खाद्यान्न उत्पादन की लागत घटाने के लिए कदम उठाये हैं।’’ 

उन्होंने कहा कि राजग सरकार ने कृषि क्षेत्र में पूर्ववर्ती संप्रग सरकार की तुलना में कई गुना राशि खर्च करने का प्रावधान किया है। चौहान ने कहा, ‘‘यह आज का भारत है, नया भारत है। एक जमाना था जब हम अमेरिका का पीएल480 गेहूं खाने को मजबूर थे, लेकिन आज भारत में अनाज भरा हुआ है। 80 करोड़ लोगों को (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी मुफ्त गेहूं-चावल दे रहे हैं। लगातार उत्पादन बढ़ रहा है। यह मोदी जी की नीतियां हैं कि खाद्यान्न का उत्पादन अब बढ़कर 33 करोड़ टन हो गया है।’’

चौहान ने कहा, ‘‘हम भारत को दुनिया का ‘फूड बास्केट’ बनाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति का लाभ किसानों को पहुंचाने के लिए सभी किसानों को एक डिजिटल पहचान पत्र दिया जाएगा जिससे अनेक लाभ होंगे। मंत्री ने एक विपक्षी सदस्य की आशंका को खारिज करते हुए कहा कि बेगूसराय का मक्का अनुसंधान केंद्र वहीं रहेंगा, उसे बदला नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘माननीय सदस्यों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जो भी सकारात्मक सुझाव दिये गए हैं, कृषि मंत्री होने के नाते उन पर मैं गंभीरतापूर्वक विचार करूंगा।’’ मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड