Elderly Dating: प्यार की कोई उम्र नहीं... पुणे में 60 से 80 साल के बुजुर्गों का मैचमेकिंग इवेंट वायरल, खालीपन को भरने के लिए नई पहल
पुणे में बुजुर्गों का मैचमेकिंग इवेंट सोशल मीडिया पर छा गया। इंफ्लुएंसर शेनाज ट्रेजरी के वीडियो ने दिखाया कि प्यार और साथ की तलाश कभी बूढ़ी नहीं होती। इवेंट के बारे में पढ़े पूरी जानकारी।
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Senior Citizens Matchmaking: पुणे में 60-80 साल के बुजुर्गों का मैचमेकिंग इवेंट इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। जिसमें वरिष्ट लोग शामिल हुए जो अपने नए जीवनसाथी की तलाश में है। इंफ्लुएंसर और पूर्व अभिनेत्री शेनाज ट्रेजरी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस इवेंट का वीडियो शेयर किया है। जिसमें बुजुर्ग किशोरों की तरह मुस्कुराते, हंसते और एक दूसरे से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। ॉ
शेनाज ने बताया कि कई ऐसे लोग हैं जो अपने जीवनसाथी को खो चुके हैं या तलाक जैसी मुश्किलों से गुजर चुके हैं, लेकिन फिर भी वे खुशी और साथ की उम्मीद लेकर आए थे। इस इवेंट की सबसे खास बात ये है कि यहां कोई जाति, धर्म, आर्थिक स्थिति या सामाजिक दर्जे की शर्त नहीं है। यहां सिर्फ अपनापन, हंसी-मजाक और इंसानियत पर जोर है। महामारी के दौरान साथी खोने वाले कई बुजुर्गों के लिए यह नई शुरुआत जैसा है।
प्यार की कोई उम्र नहीं, सभी को दोस्त बनाने का अधिकार
अब कुछ लोगों को दिक्कत होगी कि इस उम्र में परिवार पर ध्यान न देकर अपने नए जीवन साथी की तलाश की जा रही है। लेकिन उस पल को भी याद करें जब आप के घर में बुजुर्ग अकेले रह गए। जब उन्हें किसी से बात करने का मन था और आपने ये कहकर फोन काट दिया हो कि अभी बात नहीं कर सकते बाद में बात करता हूं। या उन बुजुर्ग के बारे में जिन्हें कुछ चटपटा खाने का मन था और आपको कहते रह गए की मेरा ये खाने का मन है और आप अपना खर्चा बचाने के लिए चुपचाप निकल लिए। अगर कुछ बुजुर्ग हिम्मत करके अपनी नई दुनिया शुरू करना चाहते हैं तो उसमें दिक्कत ही क्या है? कभी सोचा है जैसे आप अपने दोस्तों के साथ घूमने जाते हैं, उनका भी मन होगा कि किसी से अपने मन की बात करें। हंसी मजाक करें मस्ती करें, खिलखालिएं।
शेनाज बुजुर्गों को देखकर रो पड़ीं…
शेनाज ट्रेजरी ने भावुक होकर लिखा कि ऐसे बुजुर्गों को देखकर वह रो पड़ीं। उन्होंने कहा, 'समाज कहे कि प्यार की उम्र होती है, लेकिन यहां मौजूद लोग साबित कर रहे हैं कि प्यार कभी पुराना नहीं पड़ता।' यह इवेंट मैडहव दमले फाउंडेशन जैसे संगठनों से जुड़ा है, जो पिछले कई सालों से वरिष्ठों के लिए साथी ढूंढने में मदद कर रहा है।
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नेटिजंस ने इस वीडियो को 'भावुक करने वाला' और 'समाज की सोच बदलने वाला' बताया। कई यूजर्स ने कहा कि बुजुर्गों की अकेलेपन की समस्या को दूर करने के लिए ऐसे आयोजन जरूरी हैं। यह घटना दिखाती है कि भारत में वरिष्ठ नागरिक भी भावनात्मक जरूरतों को महत्व दे रहे हैं और दोबारा जीवन शुरू करने से नहीं डरते। इस तरह के सकारात्मक इवेंट बुजुर्गों के खालीपन को भरने में मदद कर सकते हैं।