अपडेटेड 4 January 2026 at 21:42 IST

हाथ पर जिम्‍मेदार लोगों के नाम, सुसाइड नोट में दर्द और अजित पवार गुट के नेता का जिक्र...पुणे में सादिक की खुदकुशी से मची सनसनी

पुणे के लष्कर इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक शख्स ने अपने ही दफ्तर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मरने वाले शख्स की पहचान 56 वर्षीय सादिक उर्फ बाबू कपूर के रूप में हुई है।

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हाथ पर जिम्‍मेदार लोगों के नाम, सुसाइड नोट में दर्द और अजित पवार गुट के नेता का जिक्र...पुणे में सादिक की खुदकुशी से मची सनसनी | Image: Republic

पुणे के लष्कर इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक शख्स ने अपने ही दफ्तर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मरने वाले शख्स की पहचान 56 वर्षीय सादिक उर्फ बाबू कपूर के रूप में हुई है। इस आत्महत्या से महाराष्ट्र की सियासत में भी भूचाल आया है। सादिक ने मरने से पहले न केवल अपने हाथ पर, बल्कि एक लंबे सुसाइड नोट में भी अजित पवार गुट के एनसीपी उम्मीदवार फारूक शेख (हडपसर से प्रत्याशी) का नाम लिखा है। 30 पन्नों के सुसाइड नोट में प्रताड़ना की जो दास्तां लिखी गई है वो कंपा देने वाली है।

सादिक उर्फ बाबू कपूर ने मौत को गले लगाने से पहले अपनी पीड़ा को सार्वजनिक करने का एक चौंकाने वाला रास्ता चुना। उन्होंने अपने हाथ पर उन लोगों के नाम लिखे जिन्हें वे अपनी मौत का जिम्मेदार मानते थे, जिनमें हडपसर से चुनाव लड़ रहे फारूक शेख का नाम भी शामिल है। इतना ही नहीं, पुलिस को मौके से 30 पन्नों का एक विस्तृत सुसाइड नोट मिला है। इसमें सादिक ने विस्तार से बताया है कि कैसे उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और किन परिस्थितियों ने उन्हें इस आत्मघाती कदम के लिए मजबूर किया।

एनसीपी (अजित पवार गुट ) के उम्मीदवार फारुख शेख

जमीन को लेकर जुड़ा है मामला, सुसाइड नोट में 38 लोगों का नाम

परिवार वालों का आरोप है कि उनकी जमीन थी। कुछ लोग 50 लाख रुपए मांग रहे थे। जिसको लेकर काफी दिनों से वह परेशान थे। मानसिक तनाव में थे जिसकी वजह से उन्होंने आत्महत्या की। उन्‍होंने सुसाइड नोट में 38 लोगों के नाम लिखे हैं।  पुलिस के अनुसार, आत्महत्या करने वाले सादिक उर्फ ​​बाबू कपूर का आपराधिक रिकॉर्ड था और उस पर पहले भी 'मकोका' अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा चुका था। हालांकि, सुसाइड नोट में लगाए गए आरोप गंभीर होने के कारण पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

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फिलहाल इस घटना ने पुणे की चुनावी राजनीति में हलचल मचा दी है। चुनावी मौसम में अजित पवार गुट के उम्मीदवार पर इस तरह के गंभीर आरोप लगने से विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। हालांकि अजित पवार गुट की ओर से इस मामले पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 4 January 2026 at 21:42 IST