65 की उम्र, तीन साल की मासूम और 39 मिनट का अत्याचार... 60 दिन में नसरापुर कांड के दरिंदे को अदालत ने दी फांसी की सजा
पुणे के नसरापुर में 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने भीमराव कांबले को फांसी की सजा सुनाई है। पीड़ित पक्ष के वकील ने बताया कि अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन अलग-अलग सेक्शन के तहत उसको तीन दफा फांसी देने का आदेश दिया है।
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Pune Minor Rape Case: महाराष्ट्र के पुणे जिले के नसरापुर में 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या के मामले में दोषी भीमराव कांबले को फांसी की सजा सुनाई गई है। अदालत ने इस अपराध को बहुत गंभीर माना और कहा कि आरोपी की नीयत को देखते हुए उसे मौत की सजा दी जा रही है।
यह जघन्य अपराध 1 मई 2026 को नसरापुर गांव हुआ था। 65 साल का भीमराव प्रभाकर कांबले मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर एक गोशाला में ले गया, जहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद सबूत मिटाने के इरादे से उसकी हत्या कर दी। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे महाराष्ट्र में गुस्सा देखने को मिला था। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले की फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग की थी।
महज 60 दिन के भीतर आया फैसला
इस झकझोर देने मामले में सभी की निगाहें आज यानी 29 जून पर टिकी थी, जब अदालत दोषी को मिलने वाली सजा का ऐलान करती। अब मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया गया। खास बात ये है कि घटना के महज 60 दिन के भीतर ही अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कठोरतम सजा का ऐलान कर दिया।
पॉक्सो एक्ट की कई धाराओं में ठहराया गया दोषी
एडिशनल सेशन जज एस आर सालुंथे ने भीमराव कांबले को अपहरण, रेप और हत्या के सभी आरोपों में दोषी पाया। साथ ही पॉक्सो एक्ट की कई धाराओं में भी दोषी ठहराया गया।
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तीन दफा फांसी देने का आदेश- वकील
पीड़ित पक्ष के वकील विपुल दुशिंग ने कहा, 'अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन अलग-अलग सेक्शन के तहत उसको तीन दफा फांसी देने का आदेश दिया है। मौत की सजा देने के लिए जरूरी सभी शर्तें यहां पूरी हुई हैं।'
रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस में सुनाई मौत की सजा
उन्होंने आगे कहा, 'अपराध बहुत ही बर्बर था। आरोपी ने अपनी हवस मिटाने के लिए ही यह अपराध किया था। इस बर्बरता और इस बात को देखते हुए कि अपराध बिना किसी शक के साबित हो गया था, कोर्ट ने इसे 'दुर्लभतम मामलों में दुर्लभ' (रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में रखते हुए उसे मौत की सजा सुनाई।'
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ये बेंचमार्क निर्णय- अदालत के फैसले पर बोले शिंदे
वहीं इस मामले पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, 'कोर्ट ने आरोपी को सजा-ए-मौत सुनाई है इसलिए मैं कोर्ट का धन्यवाद करता हूं। मैंने पहले ही कहा था कि इसे जीवित रहने का अधिकार नहीं है इसको सिर्फ फांसी होनी चाहिए और इसलिए मैं सभी को धन्यवाद करता हूं। सीएम खुद इस केस की निगरानी कर रहे थे और टीम को सहयोग करे रहे थे। ये बेंचमार्क निर्णय है। ऐसी घटना फिर से कोई करने का हिम्मत नहीं करेगा।'