पुणे बिल्डिंग हादसा: सिर्फ एक मंजिल की अनुमति थी, तीन मंजिला बिल्डिंग कैसे बनी? 70 घंटे से रेस्क्यू जारी, मलबे में दबी 8 जिंदगियां

पुणे में पिंपरी-चिंचवड के मोशी में तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने वाले हादसे में अब तक एक मजदूर की मौत हो चुकी है। वहीं, 8 लोगों को बचाने के लिए 70 घंटे से रेस्क्यू जारी है, हादसे की जांच के दौरान कई बड़े खुलासे हुए हैं, पढ़ें पूरी खबर

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Pune Building Collapse: At Least15 Workers Trapped in Pimpri Chinchwad
पुणे बिल्डिंग हादसा | Image: ANI

Moshi Waste Depot Accident: पुणे के मोशी कचरा डिपो में हुए बिल्डिंग हादसे को लेकर चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जिस तीन मंजिला इमारत के गिरने से एक मजदूर की मौत हुई और 8 लोग करीब 65 घंटे तक मलबे में फंसे रहे, उस इमारत को लेकर गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।

70 घंटे से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के 70 घंटे बीत चुके हैं। NDRF, स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। मलबे के पहाड़ और इमारत के झुके हिस्से के कारण रेस्क्यू में दिक्कत हो रही है। आज चौथे दिन पीछे से इमारत का हिस्सा काटकर NDRF जवान अंदर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। PCMC के अधिकारी रवि गायकवाड़ ने कहा कि 'सबसे बड़ी प्राथमिकता फंसे 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। बचाव कार्य पूरा होने के बाद पूरी जांच होगी।'

बिल्डिंग को लेकर उठ रहे बड़े सवाल

वहीं, नगर निगम दस्तावेजों के मुताबिक, 27 जुलाई 2023 को सिर्फ ग्राउंड फ्लोर (तल मंजिल) को पूर्णता प्रमाणपत्र (Completion Certificate) जारी किया गया था। पहली और दूसरी मंजिल की इजाजत नहीं थी।  पर्यावरण विभाग ने 26 जुलाई 2023 को संशोधित अनुमति मांगी और महज 24 घंटे में निर्माण विभाग ने सर्टिफिकेट दे दिया। सवाल उठ रहा है कि बिना साइट इंस्पेक्शन के ये कैसे संभव हुआ? ऊपर की दो मंजिलें किसकी अनुमति से बनीं? बिना पूर्णता प्रमाणपत्र के वहां कैंटीन और कॉन्फ्रेंस रूम कैसे चलाए गए? कर्मचारियों को काम करने की इजाजत किसने दी?

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

पुणे के पिंपरी-चिंचवड महानगर पालिका (PCMC) के मोशी में वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट की प्रशासनिक इमारत गिरने से ये हादसा हुआ था,  PCMC अधिकारियों ने कहा है कि बचाव कार्य खत्म होने के बाद निर्माण अनियमितताओं की पूरी जांच की जाएगी। ठेकेदार कंपनी और 2023 के पर्यावरण विभाग अधिकारियों की भूमिका भी देखी जाएगी। जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। ये हादसा निर्माण विभाग की निगरानी और अनुमति प्रक्रिया पर सवाल खड़ा कर रहा है। पुणे के आसपास भारी बारिश जारी है, ऐसे में संवेदनशील निर्माण स्थलों पर भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। फिलहाल हादसे वाली जगह अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड