महिला आरक्षण बिल को लेकर अब सड़कों पर हल्लाबोल, लखनऊ से सिक्किम तक शुरू हुआ प्रदर्शन, अर्पणा यादव ने जलाया सपा-कांग्रेस का झंडा
Women's Reservation Bill: मोदी सरकार की ओर से लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर लाए गए तीन बिल पास नहीं हो पाए। बिल को पारित होने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन इसके पक्ष में केवल 298 वोट ही पड़े।
- भारत
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Women's Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद के बाद अब सड़क पर संग्राम शुरू हो गया है। लोकसभा में बिल के गिरने पर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। लखनऊ में महिलाओं ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ हल्ला बोल दिया है।
सपा कार्यालय के बाहर महिलाओं का प्रदर्शन
समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर महिलाएं प्रदर्शन करती नजर आईं। इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इस दौरान स्टेट वुमेन कमीशन की एक सदस्य ने कहा कि बिल पास नहीं होने से महिलाओं का सपना टूट गया और इसके लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं।
अर्पणा यादव ने जलाया सपा-कांग्रेस का झंडा
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बिल के पास नहीं होने के बाद अर्पणा यादव ने भी सपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और BJP नेता अपर्णा यादव ने शुक्रवार (17 अप्रैल) देर रात विधानभवन के सामने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का झंडा जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका। देश की महिलाएं विपक्षी पार्टियों को कभी माफ नहीं करेंगी। विपक्ष नहीं चाहता कि संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़े।
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रिजिजू ने शेयर किया सिक्कम का वीडियो
वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सिक्कम का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें बिल के पास न होने पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते नजर आए। रिजिजू ने वीडियो शेयर कर कहा कि यह कांग्रेस पार्टी के लिए एक कड़ी चेतावनी है।
महिला आरक्षण से जुड़े तीन बिलों के लिए मोदी सरकार ने संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया था। बिल पास हो जाता तो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलता। इन बिल में विवाद की जड़ परिसीमन था, जिसका विपक्ष ने विरोध किया और बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया।
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21 घंटों तक चली चर्चा के बाद शुक्रवार को बिल पर वोटिंग हुई। इसके पास होने के लिए दो तिहाई बहुमत यानी 352 सीटों की जरूरत थी। बिल के पक्ष में 298 वोट और विपक्ष में 230 वोट पड़े। 12 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब मोदी सरकार सदन में किसी बिल को पास नहीं करा पाई है।