केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव खारिज, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दिया था नोटिस

सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन में कहा कि गृह मंत्री ने आपदा प्रबंधन विधेयक 2024 पर बहस का जवाब देते हुए कुछ टिप्पणियां करने के बाद अपने बयान को प्रमाणित किया है।

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Amit Shah : राज्यसभा में आपदा प्रबंधन विधेयक पर जवाब देते वक्त केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 25 मार्च 2025, मंगलवार को पीएम केयर फंड को लेकर एक बयान दिया था कि किस तरह कांग्रेस के शासनकाल में प्रधानमंत्री राहत कोष के बोर्ड में कांग्रेस अध्यक्ष को बैठाया जाता था, जबकि मोदी सरकार में ऐसा नहीं होता है। इसे लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया था और कहा था कि गृह मंत्री को अपने बयान को प्रमाणित करना होगा।

आज केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सदन में दिए गए अपने वक्तव्य को प्रमाणित करने के लिए 24 जनवरी 1948 की एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति को राज्यसभा सभापति को सौंपा, जिसमें देश के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने प्रधानमंत्री राहत कोष का गठन करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष को इसके प्रबंधन बोर्ड का सदस्य बनाया था।

गृह मंत्री ने कोई विशेषाधिकार उल्लंघन नहीं किया-  सभापति जगदीप धनखड़

सदन में सभापति महोदय ने इस पत्र को पढ़ा और कहा कि गृह मंत्री ने कोई विशेषाधिकार उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने अपने कथन को प्रमाणित किया है और ऐसा कहते हुए उन्होंने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव के नोटिस को खारिज कर दिया।

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अमित शाह ने अपने बयान को प्रमाणित किया- सभापति जगदीप धनखड़

सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन में कहा कि गृह मंत्री ने आपदा प्रबंधन विधेयक 2024 पर बहस का जवाब देते हुए कुछ टिप्पणियां करने के बाद अपने बयान को प्रमाणित किया है। गृह मंत्री ने 24 जनवरी 1948 को भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा जारी एक प्रेस बयान का हवाला दिया। इसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरूने पीएमएनआरएफ शुरू करने की घोषणा की थी, जिसके प्रबंधन में प्रधानमंत्री, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष और कुछ अन्य लोगों को शामिल किया गया था। मैंने इसे ध्यान से पढ़ा है। मुझे लगता है कि कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।

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Published By:
 Deepak Gupta
पब्लिश्ड