राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्र निर्माण के वास्ते बच्चों को पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोगों से बच्चों के लिए पुस्तकों के सृजन और प्रचार-प्रसार पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक वयस्क को बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करना अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को लोगों से बच्चों के लिए पुस्तकों के सृजन और प्रचार-प्रसार पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक वयस्क को बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करना अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
यहां भारत मंडपम में 53वें नयी दिल्ली विश्व पुस्तक मेले (एनडीडब्ल्यूबीएफ) के उद्घाटन के मौके मुर्मू ने कहा कि किताबें पढ़ना सिर्फ एक शौक नहीं है, बल्कि एक ‘‘परिवर्तनकारी अनुभव’’ भी है।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘मैं सभी से बच्चों के लिए पुस्तकों के सृजन और प्रचार को विशेष महत्व देने की अपील करती हूं। सबसे अच्छी आदतों में से एक जो हम अपने बच्चों में विकसित कर सकते हैं, वह है किताबें पढ़ने का शौक। हर लोगों को इसे एक महत्वपूर्ण कर्तव्य के रूप में समझना चाहिए।’’
बच्चों को पाठ्यक्रम में निर्धारित पुस्तकों के अलावा अन्य विभिन्न प्रकार की पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए मुर्मू ने कहा कि इससे उन्हें अपनी क्षमता और योग्यता को पहचानने में मदद मिलेगी तथा वे अच्छे इंसान बनने में सफल होंगे।
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उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने का काम वयस्कों, शिक्षकों, लेखकों, प्रकाशकों, स्वैच्छिक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मीडिया समूहों और हर उस व्यक्ति द्वारा समन्वित और सुसंगत तरीके से किया जाना चाहिए। जब आप किसी बच्चे को पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, तो आप राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं।’’
मुर्मू ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इस वर्ष पुस्तक मेले की थीम ‘‘रिपब्लिक@75’’ है जो पिछले 75 वर्षों के दौरान एक गणतंत्र के रूप में भारत की यात्रा पर प्रकाश डालता है।
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फ्रांस, कतर, स्पेन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कोलंबिया समेत 50 देशों के लेखक और वक्ता एनडीडब्ल्यूबीएफ 2025 में भाग ले रहे हैं।
अभिनेता पंकज त्रिपाठी, खाद्य समीक्षक पुष्पेश पंत, कांग्रेस नेता शशि थरूर, संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, कवि कुमार विश्वास और फिल्म निर्माता प्रकाश झा, साहित्य, शासन, प्रौद्योगिकी, कला और सिनेमा जैसे विविध क्षेत्रों से मेले में भाग लेने वाले प्रमुख वक्ताओं में शामिल हैं।
मेला नौ फरवरी तक चलेगा और इसमें वरिष्ठ नागरिकों व स्कूल की वर्दी पहने विद्यार्थियों के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा।