चलती ट्रेन में गर्भवती महिला को हुआ लेबर पेन...अफरातफरी के बीच RPF स्टाफ ने संभाला मोर्चा, YouTube देख करवा दी नार्मल डिलीवरी
RPF के कर्मचारियों ने डिसाइड किया कि ऑपरेशन मातृशक्ति के तहत महिला की डिलीवरी वहीं उसी वक्त रेलवे स्टेशन पर ही होगी।
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Baby Birth in Train : कानपुर रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन सुबह 8 बजकर 40 मिनट पर प्लेटफार्म नंबर 5 पर पहुंचती है, तभी जनरल डिब्बे में बैठी महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगती है। बता दें प्रसव पीड़ा एक ऐसा दर्द जिसका अंदाजा लगाना मुश्किल है, इस पीड़ा के दौरान मां को बहुत ज्यादा दर्द झेलना होता है। ये घटना कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन की है, जहां ट्रेन को सुबह जल्दी साढ़े 6 बजे यहां पहुंचना था लेकिन ट्रेन लेट होते होते 8:40 पर पहुंचती है।
महिला को दर्द में देख RPF के कर्मचारी भी परेशान हो उठे, दूसरी और डॉक्टर को आने में भी अभी समय लग रहा था। ऐसे में RPF के कर्मचारियों ने डिसाइड किया कि ऑपरेशन मातृशक्ति के तहत महिला की डिलीवरी वहीं उसी वक्त रेलवे स्टेशन पर ही होगी। डिलीवरी कराने के लिए तुरंत RPF के कर्मचारियों ने तैयारी शुरू कर दी। आइये जानते हैं कैसे सुरक्षित डिलीवरी की गई।
RPF कर्मियों ने ऐसे कराई महिला की सुरक्षित डिलीवरी...
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर RPF (रेलवे सुरक्षा बल) कर्मियों ने प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को देखा, बता दें महिला बाड़मेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में सफर कर रही थी। इसके बाद प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला की मदद के लिए RPF की महिला सिपाहियों ने अपने कदम आगे बढ़ाए और फैसला किया कि बच्चे का जन्म इसी वक्त होगा। चूंकि ट्रेन देरी से पहुंचने और डॉक्टरों के देर से आने के कारण महिला को प्रसव पीड़ा में नहीं छोड़ा जा सकता था। तो फिर आरपीएफ की महिला सिपाहियों ने YOUTUBE वीडियो ऑन किया और वीडियो देखकर महिला की सुरक्षित डिलीवरी करवाई। बता दें मां और बच्चा दोनों स्वस्थ बताएं जा रहे हैं, वहीं परिवार ने RPF की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
पटना जा रही थी महिला... रास्ते में ही बच्चे का जन्म
मां बनने वाली महिला गीता कुमारी बिहार के समस्तीपुर से है, जो अपने परिवार के साथ जयपुर से पटना जा रही थीं, पटना पहुंचते इससे पहले ही महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी। जिसके बाद सुरक्षित और नॉर्मल डिलीवरी की गई। डिलीवरी के बाद, डॉक्टर भी वहां पहुंचे और जांच की। इसके बाद महिला को महिला को उर्सला अस्पताल भेजा गया। RPF उप-निरीक्षक ने बताया कि ‘ऑपरेशन मातृशक्ति’ के तहत सुरक्षित प्रसव कराया गया और अब मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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नॉर्मल डिलीवरी के बारे में भी जाने
बच्चे की डिलीवरी (नॉर्मल डिलीवरी) में योनि के रास्ते बच्चा जन्मने की प्रक्रिया शामिल होती है, जो तीन चरणों में होती है- गर्भाशय ग्रीवा का खुलना, बच्चे का जन्म और प्लेसेंटा का बाहर निकलना। इस प्रक्रिया के लिए अस्पताल में कुछ सामान और तैयारी होती है, जिनमें मां और बच्चे के लिए आरामदायक कपड़े, सफाई के सामान और आवश्यक दवाएं शामिल होती हैं।
क्या है भारतीय रेलवे का ‘ऑपरेशन मातृशक्ति’ ?
ऑपरेशन मातृशक्ति एक विशेष अभियान है जिसके अंतर्गत महिला आरपीएफ कर्मी गर्भवती महिला यात्रियों की यात्रा के दौरान प्रसव पीड़ा होने पर सहायता प्रदान करती हैं, उन्हें सुरक्षित और गरिमापूर्ण तरीके से बच्चे को जन्म देने में मदद करती हैं। जब किसी महिला रेल यात्री को ट्रेन में प्रसव पीड़ा शुरू होती है, तो आरपीएफ कर्मी उसे तुरंत सहायता प्रदान करते हैं। महिला आरपीएफ कर्मी प्रसव के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं और प्रसव के दौरान महिला की देखभाल करती हैं।