Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव की बिगड़ी तबीयत तो रात में ही ले गए अस्पताल, नहीं होती उनकी मौत अगर...
प्रतीक यादव की मौत को लेकर लगातार नई-नई जानकारियां सामने आ रही है। अब उनके जिम पार्टनर ने बताया कि मंगलवार की देर रात भी उनकी तबीयत बिगड़ी थी।
- भारत
- 3 min read

Prateek Yadav Death: अखिलेश यादव के भाई और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की मौत ने सभी को हैरत में डाल दिया है। इस बीच प्रतीक के जिम पार्टनर और दोस्त ने दावा किया कि वो देर रात बेडरूम में गिर गए थे, जिससे उनके सिर में चोट आई।
प्रतीक के दोस्त सर्वेश पांडेय के मुताबिक, मंगलवार देर रात करीब 11 से 12 बजे की बीच उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हालत में कुछ सुधार होते अस्पताल से छुट्टी लेकिन…
उन्होंने आगे बताया कि प्रतीक की हालत में थोड़ा सुधार हुआ। ऐसे में उन्हें वापस घर पहुंचाया गया। इसी बीच सुबह दोबारा उनकी तबीयत खराब हो गई सर्वेश के अनुसार, सुबह क्या हुआ इसकी जानकारी उन्हें नहीं है, क्योंकि वह मौके पर मौजूद नहीं थे।
ड्राइवर की बात सुनते ही डॉक्टर पहुंचे घर
वहीं सिविल अस्पताल के निदेशक जीपी गुप्ता बताते हैं कि बुधवार की सुबह लगभग साढ़े पांच बजे प्रतीक यादव का ड्राइवर मदद मांगने पहुंचा था। उन्होंने कहा कि भैया की तबीयत खराब है, जल्दी चलिए। ऐसे में तुरंत इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर को भेजा गया। लेकिन वहां पहुंचने पर स्थिति अत्यंत गंभीर दिखी।
Advertisement
निदेशक के मुताबिक, प्रतीक को फौरन अस्पताल लाया गया। हालांकि, अस्पताल लाने पर भी उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। उन्होंने आगे बताया कि शुरुआत में परिवार वाले पार्थिव शरीर को घर ले जाना चाहते थे। लेकिन मामला संदिग्ध लगने के चले बाद में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या-क्या लिखा?
इस बीच समाचार एजेंसी एएनआई ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की एक कॉपी जारी की है। इसके मुताबिक, लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण 'मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म' (फेफड़ों में खून के थक्के जमने से सांस और दिल का काम करना बंद हो जाना) बताया गया है। रिपोर्ट में उनके शरीर पर मौत से पहले लगी छह चोटों (जिन्हें 'एंटीमॉर्टम' चोटें कहा जाता है) का भी ज़िक्र है।
Advertisement
रिपोर्ट में कहा गया है कि उनके दिल और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिक सामग्री को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए फॉर्मेलिन में सुरक्षित रखा गया है और शरीर के अंदरूनी अंगों (viscera) को केमिकल जांच के लिए संबंधित CP को सौंप दिया गया है।
ऐसे में सोशल मीडिया पर यह कहा जा रहा है कि अगर प्रतीक यादव को अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली होती, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत पहले से ही खराब थी। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए चोट के निशान इस बात की ओर इशारा करते हैं कि उन्होंने खुद को संभालने की कोशिश भी की थी, लेकिन आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।