ममता बनर्जी की TMC में अंदरूनी बगावत चरम पर... बंगाल में अचानक टीएमसी नेताओं पर क्यों हो रहे अंडों से हमले?
पश्चिम बंगाल में करारी हार के बाद TMC के भीतर आंतरिक दरार अब 'अंडा हमलों' में बदल गया है। ममता बनर्जी के आवास के बाहर कुणाल घोष पर हुए हमले के बाद CID और पार्टी के ही सांसदों पर साजिश के आरोप लग रहे हैं।
- भारत
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Bengal TMC Internal Clash Egg Attack: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद राज्य की राजनीति में एक अजीबोगरीब उबाल देखा जा रहा है। चुनाव परिणामों के बाद पार्टी के भीतर पैदा हुई भयंकर आंतरिक दरार अब खुलकर सामने आ रही है, जहां बागी गुट खुद को 'असली TMC' साबित करने में लगी है। वहीं, दूसरी ओर हाल के दिनों में पार्टी के वफादार और शीर्ष नेताओं को लगातार अंडों से निशाना बनाया जा रहा है।
ममता बनर्जी के आवास के बाहर कुणाल घोष पर हमला
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और संवेदनशील मोड़ तब आया जब ममता बनर्जी के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले कालीघाट स्थित आवास के ठीक बाहर एक बड़ा 'अंडा हमला' हुआ। टीएमसी के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी के कट्टर समर्थक कुणाल घोष बनर्जी के घर के बाहर मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित कर रहे थे। यह क्षेत्र जेड-कैटेगरी की सुरक्षा के तहत आता है और भारी पुलिस बंदोबस्त से घिरा रहता है।
कुणाल घोष जब कैमरों के सामने थे, तभी भीड़ से एक व्यक्ति ने आगे बढ़कर उन पर सीधे अंडे फेंक दिए। घोष ने इस हमले को एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और शारीरिक हमला बताते हुए इसके पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई है।
शारीरिक प्रहार नहीं, मनोबल तोड़ने का प्रयास: रिजु दत्ता
कुणाल घोष पर हुए इस हमले ने TMC के भीतर जारी अंतर्विरोध को पूरी तरह सतह पर ला दिया है। इसी कड़ी में TMC के ही निलंबित नेता रिजु दत्ता ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे पार्टी नेतृत्व के लिए एक बड़ा सुरक्षा खतरा बताया है।
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उन्होंने कहा कि जब जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त नेता के आवास के बाहर मीडिया से बात करते हुए पार्टी के मौजूदा पदाधिकारी पर इस तरह का हमला हो सकता है, तो यह केवल एक शारीरिक प्रहार नहीं बल्कि पार्टी के वफादारों का मनोबल तोड़ने का एक बड़ा मनोवैज्ञानिक प्रयास है।
सड़े अंडों के रूप में बरस रहा जनता का गुस्सा
जानकारों के अनुसार, बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपित तृणमूल नेताओं पर जनता और विरोधियों का गुस्सा सड़े अंडों के रूप में बरस रहा है। हैरानी की बात यह है कि अदालत ले जाते समय या सार्वजनिक मंचों पर जब इन नेताओं को निशाना बनाया जाता है, तो उनके साथ तैनात सुरक्षाकर्मी और पुलिसकर्मी भी इस 'एग अटैक' की चपेट में आ रहे हैं।
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बता दें, बंगाल की राजनीति में अंडे फेंककर विरोध दर्ज कराने का यह नया चलन पिछले कुछ हफ्तों में बहुत तेजी से फैला है। इस सिलसिले की शुरुआत सबसे पहले उत्तर 24 परगना के निमता में हुई, जहां TMC के वरिष्ठ सांसद सौगत राय इस अनोखे हमले का शिकार बने।
अभिषेक बनर्जी को भी बनाया गया निशाना
इस घटना के महज दो दिन बाद ही दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में TMC के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी को निशाना बनाकर भी अंडे फेंके गए। इसके बाद से राज्य में जहां-जहां भी तृणमूल नेताओं की गिरफ्तारियां हुईं या उनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की, वहां-वहां नेताओं को जनता और बागी कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना अंडों के रूप में करना पड़ा है।
इसमें जयप्रकाश मजूमदार, सब्यसाची दत्ता, बाप्पादित्य दासगुप्ता, मदन मित्रा और अभिजीत चट्टोपाध्याय जैसे कई बड़े नेताओं का नाम शामिल है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में अंडों के जरिए इस तरह सामूहिक रूप से विरोध प्रकट करने की अनूठी परंपरा हाल के वर्षों में ज्यादा देखने को मिल रही है।
दूसरी तरफ, विरोधी दलों ने इस घटना को तृणमूल कांग्रेस के पापों का घड़ा भरने और उनके कर्मों का स्वाभाविक फल बताया है। पश्चिम बंगाल के मंत्री तापस रॉय ने भी इस पूरी उठापटक पर कहा है कि ममता बनर्जी और तृणमूल के साथ आज जो कुछ भी घटित हो रहा है, वह एक न एक दिन होना ही था।