'वो विपासना करें या कुछ और सब ढकोसला', केजरीवाल पर क्यों भड़के प्रवेश वर्मा के प्रतिद्वंदी संदीप दीक्षित?
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी सादगी सिर्फ दिखावा थी, ढकोसला थी और यह अब खुलकर सामने आ गया है।
- भारत
- 3 min read

Congress on Arvind Kejriwal Punjab Visit: दिल्ली चुनाव में हार के बाद AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल अगले 10 दिनों के लिए पंजाब के होशियारपुर में हैं। वह यहां विपश्यना साधना के लिए पहुंचे हैं। विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखने के बाद सार्वजनिक रूप से कम नजर आए पूर्व मुख्यमंत्री पर अब कांग्रेस ने तीखा प्रहार किया है। संदीप दीक्षित ने कहा कि उन्हें दिखावटी जीवन जीने की आदत हो गई है।
दिल्ली की सत्ता गंवाने के बाद आम आदमी पार्टी संयोजक केजरीवाल के राजनीतिक भविष्य पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली में हार के बाद केजरीवाल आगे क्या करेंगे, ये बड़ा सवाल बना हुआ है। इस बीच उनके पंजाब की राजनीति में एंट्री की भी चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं।
उनकी सादगी सिर्फ दिखावा- संदीप दीक्षित
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि वह (अरविंद केजरीवाल) विपासना करें हैं या कुछ और, यह उनका निजी मामला है, लेकिन उन्हें दिखावटी जीवन जीने की आदत हो गई है। मैं आज से नहीं, पिछले 10 सालों से कह रहा हूं कि वे सत्ता के लालची हैं। उनकी सादगी सिर्फ दिखावा थी, ढकोसला थी और यह अब खुलकर सामने आ गया है।
10 दिनों तक विपश्यना केंद्र में रहेंगे AAP संयोजक
राजनीतिक गलियारों में जारी तमाम अटकलों और दावों के बीच केजरीवाल अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ होशियारपुर से लगभग 14 किलोमीटर दूर जौहाल में वन अतिथि गृह में हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वह आनंदगढ़ गांव में स्थित धम्म धजा विपश्यना केंद्र में 10 दिनों तक ध्यान साधना के लिए पहुंचे हैं। जानकारी है कि यह सत्र 5 यानि आज से 15 मार्च तक चलेगा। इससे पहले भी कई बार केजरीवाल विपश्यना केंद्र पर जाते रहे हैं। दिसंबर 2023 में उन्होंने इसी केंद्र में 10 दिवसीय सत्र में भाग लिया था। इसके अलावा वह जयपुर, नागपुर, हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के पास धर्मकोट और बेंगलुरु सहित कई जगहों पर जा चुके हैं।
Advertisement
70 में से 22 सीटों पर सिमटी AAP
नई दिल्ली सीट से बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल को 4089 मतों से हराया। इसी सीट से संदीप दीक्षित कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे थे। बता दें कि 5 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से चुनाव हारने के बाद केजरीवाल ने खुद को पार्टी से संबंधित गतिविधियों तक ही सीमित रखा है। AAP भारी जनादेश के साथ 2015 से 2024 तक दिल्ली की सत्ता पर काबिज रही। हालांकि, इस बार के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी 70 में से महज 22 सीटों पर ही सिमट गई।
भगवा की सुनामी में बिखर गया झाड़ू
वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने 48 सीटें जीतकर केजरीवाल की पार्टी को दिल्ली की सत्ता से बेदखल कर दिया। इस चुनाव में मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, सत्येंद्र जैन और सोमनाथ भारती समेत 'आप' के कई बड़े नेताओं को हार का सामना करना पड़ा।