'जहां अपना मतलब न सधता हो...', महाकुंभ पर लालू यादव के दिए बयान को लेकर भड़के स्वामी चिदानंद, बोले- ऐनक और एंगल बदलने...

Swami Chidanand on Lalu Yadav Statement: लालू यादव के महाकुंभ को 'फालतू' करार देने पर अब परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद भड़क उठे हैं।

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Swami Chidanand on Lalu Yadav Statement
Swami Chidanand on Lalu Yadav Statement | Image: x

Swami Chidanand on Lalu Yadav Statement: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भगदड़ मचने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस घटना पर बयान देते हुए आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने महाकुंभ को लेकर ऐसा बयान दे डाला जिस पर बवाल मच गया है। उनके महाकुंभ को 'फालतू' करार देने पर अब परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती भड़क उठे हैं।

आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने भगदड़ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बहुत दुखद घटना घटी है। पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। यह सब रेलवे का कुप्रबंधन है जिसकी वजह से इतने सारे लोगों की जान चली गई। रेल मंत्री को इस घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। वहीं उनसे जब पूछा गया कि कुंभ को लेकर यह घटना घटी है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि 'कुंभ का क्या कोई मतलब है? फालतू है कुंभ।'

'जहां अपना मतलब न सधता हो…'

लालू यादव के इसी बयान पर परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा, 'मुझे बड़ा आश्चर्य होता है कि हम किस देश में रहते हैं। भारत में रहते हैं और कुंभ की आस्था को हम कहे तो कोई मतलब नहीं है। जहां अपना मतलब न सधता हो, वहीं पर ऐसा लगता है कि कोई मतलब नहीं है। कुंभ फालतू की चीज नहीं है। कुंभ तो विश्वास और आस्था की बात है।'

ऐनक और एंगल बददलने की जरूरत- स्वामी चिदानंद 

उन्होंने आगे निशाना साधते हुए कहा, 'आप (लालू प्रसाद यादव) प्रचार पर करोड़ों खर्च करते हैं, फिर भी आयोजनों में पर्याप्त लोग नहीं आते। यहां करोड़ों लोग, 124 देशों की कुल जनता को स्नान करके तो चली गई जिनती उनकी जनसंख्या है और आप कहते हैं कि मतलब कि बात नहीं है। इस देश को समझने के लिए अब भारत के चश्मे से देखना जरूरी है। हमें अपनी ऐनक बदलनी है, अपने चश्मे बदलने हैं और अपने एंगल बदलने हैं। तब समझ आएगा कि आखिर कुंभ है क्या।'

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'कुंभ का मतलब उनले पूछे जिन्हें…'

स्वामी चिदानंद सरस्वती कहते हैं, 'कुंभ वो है जो करोड़ो-करोड़ों लोग चले आ रहे हैं। जो त्रिवेणी संगम में स्नान कर चुके हैं वो वापस आ रहे हैं। उन्हें लगता है कि अभी भी मन भरा नहीं है। यहां (कुंभ) आकर कितना अच्छा लग रहा है। हमारे यहां तो पूरे विश्व से लोग आ रहे हैं, और जो जा रहा है उसे वापस आने का मन कर रहा है, उन्हें पूछिए कुंभ का मतलब क्या है। उन्हें पूछिए जिन्हें कुंभ आने का मन है और आ नहीं पा रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि बात मतलब कि नहीं है। जहां पर मतलब न सधता हो वहां पर हम कुछ भी कह सकते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए, मुझे यह सुनकर बहुत दुख होता है।'

भगदड़ में बिहार के 9, दिल्ली के 8 और...

बता दें कि भगदड़ हादसे में जिन 18 लोगों की मौत हुई उनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसे में जान गंवाने वालों में सबसे ज्यादा लोग बिहार से थे। घटना में बिहार के 9, दिल्ली के 8 और एक हरियाणा के रहने वाले की मौत हुई।

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कैसे घटी भगदड़ की घटना?

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। भगदड़ की यह दर्दनाक घटना उस समय घटी जब महाकुंभ जाने के लिए बड़ी तादाद में लोग स्टेशन पर इकट्ठा हुए थे।

यह भी पढ़ें: 'कुंभ का क्या मतलब, फालतू है कुंभ', भगदड़ हादसे पर बिफरे लालू यादव ने दिया विवादित बयान; रेल मंत्री को घेरा

Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड