यूपी सरकार के बुलडोजर एक्शन पर SP सुप्रीमो अखिलेश यादव का BJP पर हमला

UP News: यूपी सरकार के बुलडोजर एक्शन पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बसे घरों को गिराकर BJP को खुशी होती है।

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Samajwadi Party president Akhilesh Yadav stokes controversy, equates Hindu seers with mafias
सपा प्रमुख अखिलेश यादव | Image: ANI

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार माफिया, अपराधियों के साथ-साथ अवैध इमारतों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को बसे बसाए घरों को गिराकर ही खुशी मिलती है।

दरअसल, योगी सरकार के आदेशानुसार फर्रुखाबाद जिला प्रशासन द्वारा हरित ऊर्जा गलियारे के निर्माण के लिए मोहम्मदाबाद ब्लॉक के उखरा गांव में अवैध निर्माण को गिराया गया। इसे लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, ''ये है प्रतिशोध से भरी भाजपाई राजनीति का वीभत्स चेहरा। भाजपा बसे-बसाये घरों को गिराकर सुख पाती है। जिन्होंने अपने घर नहीं बसाये, पता नहीं वो दूसरों के घर गिराकर किस बात का बदला लेते हैं।''

हर गिरते घर के साथ भाजपा गिर रही और नीचे: अखिलेश यादव

सपा प्रमुख ने कहा, “हर गिरते घर के साथ भाजपा भी और भी नीचे गिर जाती है। अमृतकाल के सूचनार्थ : आज लोकसभा फर्रुखाबाद के विधानसभा अमृतपुर के ग्राम उखरा में सालों से बसे 25 गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाकर, न जाने कितने बड़े-बूढ़ों, बीमारों, बच्चों, माताओं, बहनों, बेटियों को भरी बरसात में बेघर किया गया। ये राजनीतिक क्रूरता की हद है।” सपा चीफ अखिलेश ने इस मामले में 17 सेकंड का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें बुलडोजर की कार्रवाई दिख रही है।

डेढ़ हेक्टर जमीन पर लोगों का कब्जा

तहसीलदार (सदर) श्रद्धा पांडेय ने बताया कि 'लगभग डेढ़ हेक्टर जमीन पर लोगों का कब्जा है, जिसको हरित ऊर्जा गलियारे के लिए ग्राम समाज की सहमति पर अधिग्रहण किया गया है। जमीन सरकारी है व बंजर भूमि है, जिस पर लोग अवैध रूप से कब्जा किए हुए थे। जमीन को कब्जा मुक्त कराया जा रहा है, पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गयी है और सभी अवैध निर्माण जमींदरोज कर दिये जाएंगे।'

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बुलडोजर एक्शन पर कोर्ट का आदेश

बता दें, अलग-अलग राज्यों में बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम  ने 17 सितंबर को एक अंतरिम आदेश पारित किया था। आदेश के अनुसार उसकी अनुमति के बिना 1 अक्टूबर तक कहीं भी संपत्ति को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, SC ने स्पष्ट किया था कि यह आदेश सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों, रेलवे लाइन या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण पर लागू नहीं है।

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Published By :
Kanak Kumari Jha
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