'जिस परिवार ने रामभक्तों का खून बहाया हो, उसे सनातन संस्कृति की चिंता कब से हो गई?', धीरेंद्र शास्त्री पर सपा प्रमुख की टिप्पणी पर बोले UP डिप्टी CM
कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सवाल किया कि आपको भारतीय संस्कृति और सनातन संस्कृति की चिंता कब से हो गई?
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उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को धनतेरस, दीपावली, भैया दूज और छठ पूजा की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच चल रही बयानबाजी पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। डिप्टी CM ने सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बागेश्वर बाबा पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने अखिलेश यादव से अपने बयान के लिए माफी मांगने की मांग की।
कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "जिस परिवार ने रामभक्तों का खून बहाया हो। रामलला के मंदिर में जब प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हो। आमंत्रित करने के बाद जिस कार्यक्रम का हिस्सा ना बना हो। जो खुद को यदुवंशी कहने का अधिकार चाहता हो लेकिन श्री कृष्ण जन्म भूमि पर मंदिर बनाने की बात आती है तो उनके मुंह पर ताले लग जाते हैं। ऐसे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मैं पूछना चाहता हूं कि आपको भारतीय संस्कृति और सनातन संस्कृति की चिंता कब से हो गई?"
धीरेंद्र शास्त्री पर टिप्पणी का अधिकार किसने दिया?
बागेश्वर धाम सरकार का जिक्र करते हुए मौर्य ने कहा, ‘धीरेंद्र शास्त्री के प्रति देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों के मन में आस्था और श्रद्धा का भाव है। लोग उन्हें सुनने और आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे संत पर आप राजनीतिक टिप्पणी करोगे? ये अधिकार आपको नहीं है। ये अधिकार हमारे पूज्य संतों या आचार्य को है। या फिर सनातन संस्कृति के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने वालों को है।’
अखिलेश यादव को माफी मांगनी चाहिए-केशव प्रसाद मौर्य
’अखिलेश यादव ने जिस प्रकार बागेश्वर बाबा के बारे में टिप्पणी की है, वह गलत है। मौर्य ने इसकी कड़ी आलोचना करते हुए दोहराया कि अखिलेश यादव को इसके लिए क्षमा मांगनी चाहिए। भगवान कृष्ण पर पर टिप्पणी करने का अधिकार किसी को नहीं। मगर कोई साधु संत अगर कुछ टिप्पणी करते हैं तो उस पर प्रतिक्रिया भी साधु संतों और धार्मिक व्यक्तित्वों की तरफ से ही आना चाहिए। अखिलेश यादव को अपने बयान के लिए माफी मांगना चाहिए।’
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सपा प्रमुख के किस बयान पर बवाल?
बता दें कि बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान राम और कृष्ण को लेकर दिए गए विवादित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि उनका बयान सनातन परंपरा और भगवान कृष्ण का अपमान है। सपा प्रमुख ने धीरेंद्र शास्त्री के आगामी सभी कार्यक्रमों को तुरंत रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा था कि ऐसे बयानों के बाद अब उन्हें न तो ब्रज में प्रवेश मिलेगा और न ही अवध में। न तो कोई सच्चा यदुवंशी उनका स्वागत करेगा और न ही कोई सच्चा रघुवंशी।