"दिल्ली से पर्ची आ गई क्या? 'अगल-बगल' की जोड़ी का कुछ हला-भला होगा या फिर...", योगी कैबिनेट विस्तार पर अखिलेश का तंज, BJP से की ये मांग

यूपी कैबिनेट विस्तार से पहले सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे लेकर BJP और सीएम योगी पर कटाक्ष किया है।

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Akhilesh Yadav CM Yogi
Akhilesh Yadav CM Yogi | Image: ANI

उत्तर प्रदेश में कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा लंबे समय से चल रही थी,मगर अब इस पर मुहर लग गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, यूपी में मंत्रिमंडल का विस्तार कल यानी रविवार 10 मई 2026 को होगा। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम जन भवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की और मंत्रिमंडल विस्तार के लिए समय मांगा। इस बीच मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने X पोस्ट के जरिए  एक्स पोस्ट योगी सरकार पर कटाक्ष किया है।

अखिलेश यादव ने अपने X पोस्ट में लिखा है, दिल्ली से पर्ची आ गयी क्या? सुना है यूपी में कैबिनेट का विस्तार हो रहा है या यूं कहें कि मुख्यमंत्री जी की शक्ति का ‘कटाव छटाव’ हो रहा है। जिनका मंत्रिमंडल है उनसे भी तो कोई पूछ ले।

अखिलेश ने महिलाओं के लिए की ये मांग

हालांकि अखिलेश ने महिलाओं को मंत्रिमंडल में आरक्षण देने की मांग भी की। उन्होंने कहा, 'हमारी मांग है कि यूपी के मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को आरक्षण दिया जाए।' उन्होंने आगे व्यंग्य करते हुए लिखा, 'वैसे ये सवाल भी कुलबुला रहा है: 'अगल-बगल' की जोड़ी का कुछ हला-भला होगा या फिर वो ‘अगले-बगले’ ही झांकते रह जाएंगे या सिर्फ रील बनाते...'

संभावित मंत्रियों के नाम 

रिपोर्ट्स के अनुसार योगी सरकार में करीब 6-7 नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना हैं। संभावित मंत्रियों के नाम भी सामने आए हैं।

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  • आशा मौर्य, MLA BJP
  • कृष्णा पासवान, MLA BJP
  • हंसराज विश्वकर्मा, MLC BJP
  • भूपेंद्र सिंह चौधरी, MLC
  • सुरेंद्र दिलेर, MLA BJP
  • मनोज पांडेय, MLA सपा बागी
  • पूजा पाल, MLA सपा बागी

यूपी विधानसभा चुनाव पर फोकस

बंगाल फतेह के बाद अब बीजेपी का फोकस यूपी विधानसभा चुनाव 2027 है। आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए BJP सामाजिक और जातीय संतुलन बनाने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार में दो ब्राह्मण, दो पिछड़ा वर्ग, एक दलित और एक महिला चेहरे को शामिल किया जा सकता है। बीजेपी की कोशिश है कि सभी समुदायों को प्रतिनिधित्व देकर चुनाव से पहले मजबूत संदेश दिया जाए।

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Published By :
Rupam Kumari
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