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Updated April 2nd, 2024 at 11:52 IST

TMC के नेता ने प्रधानमंत्री पर की जातिसूचक टिप्पणी, BJP ने किया पलटवार; कहा ओबीसी का किया अपमान

टीएमसी नेता पीयूष पांडा ने जनसभा में देश के प्रधानमंत्री पर भद्दा कमेंट किया। उनकी जाति मेंशन कर कई आपत्तिजनक बाते कहीं।

Reported by: Kiran Rai
pm narendra modi and pijush panda
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टीएमसी नेता पीयूष पांडा ने की जातिसूचक टिप्पणी | Image:x/ viral video grab
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TMC Targets PM Modi:  बीजेपी ने अपने ऑफिशियल एक्स पोस्ट पर टीएमसी नेता पीयूष पांडा के एक पब्लिक अड्रेस का वायरल वीडियो साझा किया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अनर्गल बातें बोली जा रही हैं। उनकी जाति को लेकर भद्दा कमेंट है। उनके कास्ट सर्टिफिकेट को लेकर भी सवाल उठाए हैं।  इसे ओबीसी समाज का अपमान बताते हुए भाजपा ने ईसी में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं बंगाल भाजपा के दिग्गज शुवेंदु अधिकारी ने भी इसे असहनीय करार दिया।

पांडा का वीडियो वायरल हो रहा है। जो किसी जनसभा का है। इसमें वो बेहद खराब  शब्दों का इस्तेमाल किया- "वह 70 साल के हैं, कोई बता सकता है कि 50 साल पहले जारी किए गए प्रमाण पत्र कहाँ हैं, तब पेन से लिख कर जारी किए जाते थे, लेकिन मोदी जी के प्रमाणपत्र कम्यूटर से जारी हैं। 50 साल पहले देश में कम्यूटर और टाइपराइटर भी नहीं थे। वह बहुत बड़े धोखेबाज हैं, एकदम फर्जी हैं।"

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शुवेंदु बोले गिरा हुआ बयान

मैं निचले स्तर के टीएमसी नेता - पियूष पांडा के स्तर तक मैं नहीं पहुंच सकता लेकिन बता दूं कि ये  गंदा बोलने वाला व्यक्ति क्षेत्रीय टीएमसी पार्टी के कोंताई संगठनात्मक जिले का अध्यक्ष है इसलिए इसके शब्दों को उसकी पार्टी का आधिकारिक बयान माना जाना चाहिए.. न केवल माननीय प्रधानमंत्री श्री को अपमानित करने का प्रयास किया है बल्कि उन्हें 'तेली' का बेटा कहकर पूरे ओबीसी समाज का अपमान और अनादर किया है। उन्होंने विशेष रूप से संकेत दिया है कि जूते पॉलिश करना ओबीसी समाज के सदस्यों के लिए एक उपयुक्त काम है।

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वायरल वीडियो में कहा क्या?

वायरल वीडियो में पियूष पांडा कह रहे हैं- “नरेन्द्र मोदी अहंकारी हैं, वह तेली (जाति) के बेटे हैं, वह राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और पूजा कैसे कर सकते हैं जहाँ किसी ब्राम्हण को नहीं बुलाया गया। फिर ब्राम्हणों का क्या काम है, मैं अपना जनेऊ प्रधानमंत्री कार्यालय भेज दूँगा। मैं कोंटई बस स्टैंड पर बैठ का जूते पॉलिश करूँगा।”

इतना ही नहीं पांडा ने पीएम ksजन्म प्रमाण पत्र और शिक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पीएम मोदी की डिग्री और चाय बेचने को लेकर भी प्रश्न उठाए। पांडा ने कहा कि आज से 50-60 साल पहले देश में कम्प्यूटर और टाइपराइटर नहीं थे लेकिन पीएम मोदी की डिग्री कम्प्यूटराइज्ड है।
ओबीसी समाज का अपमान

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भाजपा ने अपनी एक्स पोस्ट में इसे ना काबिले बर्दाश्त और चौंकाने वाला बयान बताया। लिखा-  चौंकाने वाला और पूरी तरह से अस्वीकार्य! टीएमसी नेता पीयूष पांडा का पीएम श्री  और ओबीसी समुदाय पर दिया गया बयान निंदनीय है। टीएमसी के कोंताई संगठनात्मक जिले के अध्यक्ष के रूप में, उनके शब्दों को हल्के में खारिज नहीं किया जा सकता है; वे पार्टी के आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व करते हैं। पीएम की जाति का जिक्र करके और ओबीसी समुदाय को अपमानित करके उन्होंने न केवल शालीनता की सभी सीमाएं लांघ दी हैं, बल्कि पूरे ओबीसी समाज का भी अपमान किया है।

वोट बैंक...ममता की राजनीति पर प्रहार

इसमें आगे लिखा है कि यह अपमानजनक व्यवहार राजनीतिक हेरफेर के एक बड़े मुद्दे को रेखांकित करता है, टीएमसी नेता ममता बनर्जी पहले से ही पिछड़े वर्गों की पहचान निर्धारित करने के लिए स्थापित मानदंडों से समझौता कर रही हैं...पश्चिम बंगाल में वास्तविक ओबीसी समाज की उपेक्षा करते हुए अपने 'वोट बैंक' का पक्ष ले रही हैं। अब, ऐसा लगता है कि उसने अपने मंत्रियों को इस तरह की घृणित बयानबाजी के साथ ओबीसी समुदाय का दुरुपयोग करने की खुली छूट दे दी है।

ईसी से की शिकायत

भाजपा ने इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग और ईसी से शिकायत की है। लिखा है- हम राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री हंसराज गंगाराम अहीर जी से ओबीसी समुदाय पर इस हमले को तत्काल संबोधित करने का आग्रह करते हैं। @ECISVEEP को निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए और इस गंभीर चुनाव संहिता उल्लंघन के लिए पीयूष पांडा को चुनाव प्रक्रिया में आगे भाग लेने से प्रतिबंधित करना चाहिए।

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Published April 2nd, 2024 at 09:45 IST

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